नई दिल्ली: कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर हुई भगदड़ को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी, जिसमें 11 लोगों की मौत हो गई और लगभग 50 लोग घायल हो गए. इस दुखद घटना के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, सिद्धारमैया ने कहा कि ऐसी भगदड़ की घटनाएं पहले भी हो चुकी हैं, जैसे कि इस साल की शुरुआत में कुंभ मेले में हुई थी. हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि वह इस घटना का बचाव नहीं कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि कई भगदड़ की घटनाएं हो चुकी हैं. लेकिन मैं बचाव नहीं कर रहा...मैं सिर्फ़ यह कह रहा हूं कि कुंभ मेले में भी भगदड़ हुई थी. सिद्धारमैया के इस बयान एक बार फिर से बवाल खड़ा कर दिया है.
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बता दें कि सिद्धारमैया ने कहा कि यह आयोजन कर्नाटक राज्य क्रिकेट एसोसिएशन (KSCA) द्वारा आयोजित किया गया था, न कि राज्य सरकार द्वारा. सरकार ने केवल आयोजन की अनुमति दी थी और सुरक्षा के लिए बेंगलुरु पुलिस को तैनात किया था. उन्होंने कहा कि सरकार ने सिर्फ़ अनुमति दी और पूरी बेंगलुरु पुलिस बल को सुरक्षा के लिए तैनात किया. स्टेडियम में आयोजन की मेजबानी हमने नहीं की. मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि विधान सौधा के सामने एक लाख से अधिक लोग जमा हुए थे, लेकिन वहाँ कोई अप्रिय घटना नहीं हुई. हालांकि, स्टेडियम की क्षमता 35,000 लोगों की थी, लेकिन वहां दो से तीन लाख लोग इकट्ठा हो गए, जो पूरी तरह अप्रत्याशित था. इस भारी भीड़ ने आयोजन को अनियंत्रित कर दिया, जिसके परिणामस्वरूप यह त्रासदी हुई.
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प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, स्टेडियम के पास एक नाले के ऊपर रखा गया अस्थायी स्लैब भीड़ के दबाव में ढह गया, जिससे दहशत फैल गई और भगदड़ मच गई. यह आयोजन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की IPL 2025 जीत के जश्न के लिए था, जिसमें हजारों प्रशंसक अपने पसंदीदा क्रिकेट सितारों, खासकर विराट कोहली, को देखने के लिए जमा हुए थे. आयोजकों ने केवल टिकट और पास धारकों को प्रवेश की अनुमति दी थी, लेकिन भारी भीड़ को नियंत्रित करना मुश्किल हो गया.
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सिद्धारमैया ने बताया कि सरकार ने सुरक्षा के लिए व्यापक इंतजाम किए थे. बेंगलुरु पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए हल्का बल प्रयोग किया, लेकिन प्रशंसकों का उत्साह इतना अधिक था कि स्थिति संभालना मुश्किल हो गया. घायलों को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन कई लोगों की जान नहीं बचाई जा सकी. इस घटना ने भीड़ प्रबंधन और बड़े आयोजनों की योजना के महत्व को एक बार फिर उजागर किया है. इस त्रासदी ने कर्नाटक में बड़े आयोजनों के लिए बेहतर सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन की जरूरत पर सवाल उठाए हैं.
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विपक्षी दलों, खासकर भारतीय जनता पार्टी (BJP), ने कांग्रेस सरकार पर इस घटना के लिए प्रशासनिक विफलता का आरोप लगाया है. सिद्धारमैया का कुंभ मेले का जिक्र विपक्ष के लिए एक और मुद्दा बन गया, क्योंकि उन्होंने इसे सरकार की नाकामी को कम करने की कोशिश के रूप में देखा. इस बीच, स्थानीय समुदाय और प्रशंसक इस घटना से स्तब्ध हैं, क्योंकि RCB की ऐतिहासिक जीत का जश्न एक दुखद त्रासदी में बदल गया. सिद्धारमैया ने इस बात पर जोर दिया कि सरकार इस त्रासदी से सबक लेगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए बेहतर कदम उठाएगी. इस बीच, घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की जा रही है, और मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त की गई हैं.