कोलकाता: भारतीय सेना में बड़े भ्रष्टाचार का चौंकाने वाला मामला सामने आया है. केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने पूर्वी कमांड के अंतर्गत आर्मी ऑर्डनेंस कॉर्प्स में तैनात एक सर्विसिंग कर्नल हिमांशु बाली को रिश्वतखोरी के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है. CBI के अनुसार, कर्नल बाली पर आरोप है कि उन्होंने कानपुर की कंपनी ईस्टर्न ग्लोबल लिमिटेड को सेना का बड़ा टेंडर दिलाने के एवज में 50 लाख रुपए की रिश्वत मांगी और ली.
रिश्वत की राशि हवाला चैनल के जरिए पहुंचाई जानी थी. जांच एजेंसी के मुताबिक, 22 अप्रैल को कोलकाता के पार्क स्ट्रीट पर कंपनी के अधिकारियों के साथ कर्नल की गुप्त बैठक हुई. महज 48 घंटे बाद 24 अप्रैल को कंपनी को टेंडर आवंटित कर दिया गया.
16 मई को कर्नल ने बाकी बची 50 लाख रुपए की रिश्वत की मांग की, जिसके बाद CBI ने कार्रवाई की. कर्नल पर केवल टेंडर में अनियमितता का ही नहीं, बल्कि कंपनी के घटिया क्वालिटी के सैंपल पास करने और फर्जी-बढ़ा-चढ़ाकर बनाए गए बिलों को मंजूरी देने का भी गंभीर आरोप है.
CBI ने दर्ज की FIR
FIR में कर्नल हिमांशु बाली, प्राइवेट ठेकेदार और अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ भ्रष्टाचार, आपराधिक साजिश और रिश्वतखोरी की धाराएं लगाई गई हैं. CBI का दावा है कि आरोपी अधिकारियों और ठेकेदारों ने मिलकर सेना को नुकसान पहुंचाते हुए निजी फायदा उठाया.
यह मामला भारतीय सेना की छवि पर सवाल खड़ा करने वाला है, क्योंकि इसमें एक सेवारत उच्च अधिकारी का नाम जुड़ा है. CBI इस पूरे सिंडिकेट की आगे जांच कर रही है और अन्य संदिग्धों को भी गिरफ्तार करने की तैयारी में है. अभी तक कर्नल बाली की ओर से इस आरोप पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है.