''यदि कोई खतरनाक बन जाए, तो हिंसा आवश्यक हो जाती है...'' योगी आदित्यनाथ का बड़ बयान

Amanat Ansari 30 May 2026 08:45: PM 2 Mins
''यदि कोई खतरनाक बन जाए, तो हिंसा आवश्यक हो जाती है...'' योगी आदित्यनाथ का बड़ बयान

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को कहा कि यद्यपि अहिंसा मानव जीवन का मार्गदर्शक सिद्धांत होना चाहिए, लेकिन जब कोई व्यक्ति राष्ट्र और समाज के लिए खतरा बन जाता है, तब उससे निपटने के लिए बल प्रयोग आवश्यक हो जाता है. लखनऊ में नौसेना शौर्य वाटिका के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि विकास केवल सुरक्षित वातावरण में ही फल-फूल सकता है.

उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा और सशस्त्र बलों के सम्मान के महत्व पर जोर दिया. उन्होंने कहा, "अहिंसा मानवता का सच्चा धर्म होना चाहिए. लेकिन यदि कोई देश और समाज के लिए खतरा बन जाए, तो अहिंसा काम नहीं करती. ऐसी परिस्थितियों में हिंसा आवश्यक हो जाती है."

मुख्यमंत्री ने प्रसिद्ध संस्कृत वाक्य "अहिंसा परमो धर्मः, धर्म हिंसा तथैव च" का उल्लेख करते हुए कहा कि जहाँ अहिंसा सर्वोच्च गुण है, वहीं धर्म और राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा के लिए बल का प्रयोग भी समान रूप से उचित है. उन्होंने कहा कि किसी राष्ट्र की शक्ति ही दुनिया में उसकी प्रतिष्ठा निर्धारित करती है. "जब हम सुरक्षा के क्षेत्र में मजबूत होंगे, तभी दुनिया हमसे मित्रता करेगी. यदि आप कमजोर हैं, तो कोई भी कमजोर के सामने नहीं झुकता."

उन्होंने कहा कि यह सिद्धांत देश की सशस्त्र सेनाओं की कार्यप्रणाली में भी दिखाई देता है, जब वे राष्ट्र के दुश्मनों से निपटती हैं. मुख्यमंत्री ने सुरक्षा को विकास से जोड़ते हुए कहा कि पिछले एक दशक में उत्तर प्रदेश में उल्लेखनीय परिवर्तन हुए हैं.

उन्होंने कहा, "विकास योजनाएँ केवल सुरक्षित वातावरण में ही प्रभावी ढंग से आगे बढ़ सकती हैं. 2017 से पहले यही उत्तर प्रदेश बार-बार कर्फ्यू का सामना करता था. पेशेवर माफिया और अपराधियों ने आम नागरिकों का जीवन कठिन बना दिया था."

आदित्यनाथ ने कहा कि जिस प्रकार सशस्त्र बल हर परिस्थिति में देश की सीमाओं की रक्षा करते हैं, उसी प्रकार नागरिकों का भी कर्तव्य है कि वे देश की रक्षा करने वाले सैनिकों का सम्मान करें. मुख्यमंत्री उस कार्यक्रम में बोल रहे थे जिसमें रक्षा मंत्री Rajnath Singh ने नौसेना शौर्य वाटिका का उद्घाटन किया. इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री Keshav Prasad Maurya और Brajesh Pathak भी उपस्थित थे.

स्मारक के महत्व पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सेवामुक्त नौसैनिक युद्धपोत INS Gomati को सेवानिवृत्ति के बाद एक नया उद्देश्य दिया गया है. उन्होंने कहा, "भारतीय नौसेना में लंबे समय तक सेवा देने और भारत की समुद्री सीमाओं की रक्षा करने के बाद INS गोमती वर्ष 2022 में सेवा से निवृत्त हुई. आज इस पोत का सार्थक उपयोग करते हुए इसे गोमती नदी के तट पर स्थापित किया गया है."

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल युवाओं को भारतीय नौसेना के बारे में अधिक जानने और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने के लिए प्रेरित करेगी. उन्होंने नौसेना के आदर्श वाक्य का भी उल्लेख किया और नागरिकों से एक सशक्त भारत के लिए व्यापक दृष्टिकोण अपनाने का आह्वान किया.

प्रधानमंत्री Narendra Modi के "विकसित भारत" के आह्वान को याद करते हुए आदित्यनाथ ने कहा कि प्रत्येक नागरिक को राष्ट्रीय प्रगति में योगदान देना चाहिए और सशस्त्र बलों के प्रति गहरा सम्मान विकसित करना चाहिए. उन्होंने कहा, "इन सभी कर्तव्यों में सबसे महत्वपूर्ण है हमारे सैनिकों और सशस्त्र बलों के प्रति सम्मान की भावना."

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