क्या ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने योगी के सामने कर दिया सरेंडर, अधिकारी उनकी क्यों नहीं सुन रहे?

Abhishek Chaturvedi 26 Jul 2025 10:54: AM 3 Mins
क्या ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने योगी के सामने कर दिया सरेंडर, अधिकारी उनकी क्यों नहीं सुन रहे?

Energy Minister AK Sharma: यूपी के वो अधिकारी कौन हैं, जो अपने मंत्री की भी नहीं सुनते, उनके मंत्री चिल्ला-चिल्लाकर कहते हैं हम बनिये की दुकान नहीं चलाते, जो किसी ने पैसा नहीं दिया तो बिजली काट दोगे, फिर भी अधिकारी नहीं सुनते, वो जनता को लाखों का बिल थमा देते हैं, ट्रिपिंग की समस्या तो इतनी है कि यूपी के किसी ग्रामीण इलाके में चले जाइए, बिजली आती-जाती रहेगी, फिर सवाल है सुधारेगा कौन, अब तो मंत्रीजी भी लगता है सरेंडर कर चुके हैं, वरना सीएम योगी आदित्यनाथ को बैठक नहीं बुलानी पड़ती, योगी बैठक में अधिकारियों को साफ कहते हैं दिक्कतें सुधार लीजिए, वरना एक्शन के लिए तैयार रहिए, जिसके बाद सवाल ये भी उठ रहे हैं क्या IAS से नेता बने अरविंद कुमार शर्मा से बिजली विभाग नहीं संभल रहा.

अगर नहीं भी संभल रहा तो फिर उन्हें ये समझने में 3 साल का वक्त क्यों लग गया, जानकार बताते हैं सारी कहानी बिजली के प्राइवेटाइजेशन यानि निजीकरण में छिपी है. UPPCL के चेयरमैन आशीष गोयल के नीचे जो एमडी और अधिकारी हैं, वो सब इस कदर काम कर रहे हैं कि एके शर्मा का IAS वाला दिमाग भी फेल हो गया है, इसीलिए फ्रस्टेशन में वो भरी मीटिंग में कहते हैं अगर मैंने एक्शन ले लिया तो आप चाहे दिल्ली तक चले जाओ, राष्ट्रपति भवन पहुंच जाओ, पर कोई राहत नहीं मिलेगी, वो खुद ये स्वीकार करते हैं कि बिजली विभाग ठीक से काम नहीं कर रहा, जनता की जरूरतें पूरी नही कर पा रहा.

फिर मंत्रीजी तीन साल से कर क्या रहे हैं, अगर बिजली विभाग के अंदर इतनी दिक्कतें हैं, जनता को इतनी परेशानी हो रही है, जनता उन्हें गाली दे रही है, तो फिर उन्होंने अब तक ये बात योगी आदित्यनाथ तक क्यों नहीं पहुंचाई या फिर सरकार ने सबके साथ बैठकर बात क्यों नहीं की, अधिकारियों को जैसे एके शर्मा अब हड़का रहे हैं, ये काम उन्होंने पहले क्यों नहीं किया, क्या वो अपने शांत स्वभाव की झलक अधिकारियों को पहले दिखा रहे थे और अब अपना क्रोध दिखाकर काम करवाना चाहते हैं.

या फिर ये गुस्सा इसलिए बढ़ गया कि क्योंकि मुरादाबाद में मंत्रीजी के कार्यक्रम में लाइट चली गई, और 10 मिनट तक उन्हें फीता काटने के लिए इंतजार करना पड़ा, जिसकी तस्वीर अब तक उनके जेहन से नहीं उतरी है, एके शर्मा के काम करने का अंदाज कैसा रहा है, ये पूरे यूपी की जनता जानती है, बिजली विभाग के अधिकारी इस बात को बेहतर तरीके से समझते भी हैं, जब बिजली विभाग के ही कर्मचारी विरोध प्रदर्शन कर रहे थे, तो एके शर्मा कह रहे थे निजीकरण होकर रहेगा, और अब जब अधिकारी उनकी नहीं सुन रहे तो कह रहे एक्शन ले लूंगा, ये मत सोचना मंत्रीजी सस्पेंड नहीं कर पाएंगे, सबकुछ कर सकता हूं, जनता के नजरिए से ये लड़ाई एक मंत्री और विभाग की है, लेकिन सियासत के नजरिए से ये लड़ाई दिल्ली बनाम लखनऊ भी बन सकती है, जैसा पहले विपक्ष प्रचारित करता रहा है.

क्योंकि एके शर्मा मोदी के खास अधिकारी रहे हैं, जब मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री हुआ करते थे, एके शर्मा वहां मोदी के साथ थे, यहां तक कि मोदी प्रधानमंत्री बनकर दिल्ली पहुंचे तो यहां भी एके शर्मा को साथ ले आए, और जब फिर वहां से सीधा यूपी भेज दिया, 2022 में एके शर्मा यूपी के ऊर्जा मंत्री बन गए, कईयों ने तब कहा कि दिल्ली से नेताजी नजर रखने के लिए भेजे गए हैं, लेकिन अब वही नेताजी अधिकारियों से इतने तंग आ चुके हैं कि योगी आदित्यनाथ को उनके विभाग के अधिकारियों को मीटिंग लेनी पड़ रही है, योगी अपनी मीटिंग में अधिकारियों को 4 बड़े आदेश देते हैं.

• पहला- हर फीडर की जांच हो, कमजोर जगहों की पहचान कर सुधार करें, जहां जरूरी है ट्रांसफॉर्मर की क्षमता बढ़ाएं

• दूसरा- गलत या ओवरबिलिंग जैसी शिकायत नहीं आनी चाहिए, स्मार्ट मीटर की सुविधा ब्लॉक स्तर तक पहुंचाइए

• तीसरा- बिजली प्रोडक्शन, सप्लाई और डिस्ट्रीब्यूशन के लिए रिकॉर्ड बजट हमने दिया है, लापरवाही नहीं चलेगी

• चौथा- फील्ड से मिलने वाली वास्तविक शिकायतों का समाधान जल्द से जल्द हो ताकि जनता को राहत मिले

अब योगी के आदेश का क्या असर विभाग में दिखता है, और ऊर्जा मंत्री एके शर्मा की कितनी बातें अधिकारी मानते हैं ये देखने वाली बात होगी, पर बिजली की समस्या से अगर आप भी परेशान हैं तो आवाज उठाएं और बताएं कि आपके गांव या शहर में 24 घंटे में से कितने घंटे बिजली मिलती है, ताकि सच्चाई पता चल सके.

Uttar Pradesh Uttar Pradesh Energy Minister AK Sharma AK Sharma News

Recent News