नई दिल्ली: बंगाल की खाड़ी में दबाव का क्षेत्र बनने से चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के आसार बढ़ गए हैं. मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, यह साल का पहला चक्रवाती तूफान बन सकता है और इसका असर पश्चिम बंगाल, ओडिशा तथा आंध्र प्रदेश में हो सकता है. हालांकि, भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की ओर से अभी आधिकारिक अलर्ट जारी नहीं किया गया है. उत्तरी अंडमान सागर और पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी में दबाव का क्षेत्र सक्रिय है.
इसकी दिशा पश्चिम-उत्तर पश्चिम बताई जा रही है. संभावना जताई जा रही है कि यह सोमवार को पूर्वी मध्य बंगाल की खाड़ी में गहरे दबाव के क्षेत्र में बदल सकता है. बुधवार सुबह तक यह मध्य और उत्तरी बंगाल की खाड़ी में पहुंच सकता है. अलीपुर मौसम विभाग के हवाले से रिपोर्ट्स में कहा गया है कि चक्रवात अर्नब का प्रभाव पश्चिम बंगाल पर पड़ सकता है. दबाव का क्षेत्र उत्तर आंध्र प्रदेश के तट और दक्षिण ओडिशा की ओर बढ़ रहा है.
बंगाल में सोमवार को कम बारिश हो सकती है, लेकिन मंगलवार से इसमें इजाफा होने के आसार हैं. मंगलवार से तेज बारिश का दौर शुरू हो सकता है. बुधवार से शुक्रवार तक भारी बारिश होने की संभावना है. इस दौरान गरज के साथ 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. दक्षिण 24 परगना, पूर्वी और पश्चिम मिदनापुर, पश्चिम वर्धमान, बीरभूम, मुर्शीदाबाद, पुरुलिया और झारग्राम में तेज बारिश के आसार हैं.
उत्तर बंगाल में सोमवार को कम बारिश की संभावना है. मालदा, उत्तर और दक्षिण दिनाजपुर के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है. बुधवार और गुरुवार को जलपाईगुड़ी व दार्जीलिंग में तेज बारिश हो सकती है. शुक्रवार को जलपाईगुड़ी में भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका है. IMD के अनुसार, मॉनसून की वापसी पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों से शुरू हो गई है. 25 से 28 सितंबर के बीच महाराष्ट्र के कई हिस्सों में बारिश के आसार हैं.
विदर्भ और मराठवाड़ा में कुछ स्थानों पर तेज से बहुत तेज बारिश हो सकती है. मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि दबाव का क्षेत्र चक्रवात अर्नब में तब्दील होगा या नहीं और इसका असर कितना व्यापक होगा. स्कायमेट की रिपोर्ट में भी आंध्र प्रदेश, ओडिशा और पश्चिम बंगाल को संभावित दायरे में बताया गया था. लोगों से अपील की गई है कि वे मौसम विभाग के आधिकारिक अपडेट पर नजर रखें.