इंटरनेशनल डेस्क: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के कूटनीतिक रिश्तों में एक बार फिर बड़ा यू-टर्न देखने को मिला है। तुर्की (Türkiye) में आयोजित नाटो (NATO) शिखर सम्मेलन के दौरान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के सुर इटली की पीएम को लेकर अचानक पूरी तरह बदल गए हैं। कुछ समय पहले तक मेलोनी की तीखी आलोचना करने वाले और उन पर कटाक्ष करने वाले ट्रम्प अब मेलोनी की तारीफों के पुल बांधते नजर आ रहे हैं। ट्रम्प के इस बदले मिजाज और दोनों नेताओं की नई जुगलबंदी ने अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के गलियारों में भारी हलचल पैदा कर दी है।
तुर्की पहुंचते ही ट्रम्प ने की मेलोनी की जमकर तारीफ
प्रामाणिक अंतरराष्ट्रीय इनपुट्स के मुताबिक, यह पूरा घटनाक्रम तुर्की में नाटो समिट के दौरान सामने आया। तुर्की पहुंचने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सोशल मीडिया और मीडिया ब्रीफिंग में जॉर्जिया मेलोनी की जमकर प्रशंसा की। मेलोनी के साथ अपनी एक ताज़ा तस्वीर साझा करते हुए डोनाल्ड ट्रम्प ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि, "वो मुझे बहुत पसंद हैं।" (She is someone I like very much). ट्रम्प ने मेलोनी को एक मजबूत और शानदार नेता बताते हुए उनके काम की सराहना की, जिसने दोनों देशों के बीच भविष्य के कूटनीतिक सहयोग को एक नई दिशा दी है।
पहले कसा था तंज: 'वो बस मेरे साथ फोटो खिंचाना चाहती थीं'
ट्रम्प का यह ताज़ा बयान इसलिए सुर्खियां बटोर रहा है क्योंकि इससे पहले उन्होंने मेलोनी पर बेहद तीखा और असहज करने वाला तंज कसा था। पुराना आधिकारिक रिकॉर्ड गवाह है कि डोनाल्ड ट्रम्प ने कुछ समय पहले मेलोनी की राजनीतिक प्राथमिकताओं पर सवाल उठाते हुए खुले तौर पर कहा था कि, "वो मेरे साथ फोटो खिंचाना चाहती थीं।" ट्रम्प का इशारा यह था कि मेलोनी केवल अपने राजनीतिक फायदे और मीडिया अटेंशन के लिए उनके साथ खड़ी दिखना चाहती थीं। ट्रम्प के उस पुराने बयान से इटली और अमेरिका के कूटनीतिक हलकों में काफी तल्खी बढ़ गई थी।
क्यों बदले राष्ट्रपति ट्रम्प के सुर? विशेषज्ञ हैरान
अंतरराष्ट्रीय मामलों के विशेषज्ञों का मानना है कि डोनाल्ड ट्रम्प का यह हृदय परिवर्तन वैश्विक राजनीति और नाटो गुट के भीतर अपनी पकड़ मजबूत करने की एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है। यूरोप में जॉर्जिया मेलोनी एक बेहद प्रभावशाली और दक्षिणपंथी (Right-wing) चेहरा बनकर उभरी हैं। ऐसे में ट्रम्प को अच्छी तरह मालूम है कि यूरोपीय संघ (EU) और नाटो के भीतर अपने एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए उन्हें मेलोनी जैसे मजबूत नेताओं के समर्थन की बेहद जरूरत होगी। यही वजह है कि पुरानी कड़वाहट को भुलाकर ट्रम्प अब मेलोनी के साथ अपनी कूटनीतिक केमिस्ट्री को चमकाने में जुटे हैं।