इंटरनेशनल डेस्क: पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में जारी तनाव अब एक बेहद खौफनाक और विनाशकारी मोड़ पर पहुंच गया है। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की अंतिम यात्रा के दौरान भड़के जनसैलाब ने अमेरिका और उसके मित्र देशों के खिलाफ आर-पार के महायुद्ध का खुला ऐलान कर दिया है। तेहरान और पवित्र शहर कौम की सड़कों पर उमड़े लाखों के हुजूम ने न केवल अमेरिका से बदला लेने की कसम खाई, बल्कि खुले तौर पर चेतावनी दी है कि इस जंग में अगर किसी भी देश ने अमेरिका का साथ दिया, तो उसे भी पूरी तरह तबाह और नेस्तनाबूद कर दिया जाएगा। ईरान के इस आक्रामक रुख ने खाड़ी देशों में वैश्विक महायुद्ध की कगार पर खड़े हालात पैदा कर दिए हैं।
जनाजे में लहराए लाल झंडे, ट्रम्प पर रखा ₹840 करोड़ का भारी-भरकम इनाम
अयातुल्ला खामेनेई की अंतिम यात्रा के दौरान ईरान में महा-प्रतिशोध और युद्ध के प्रतीक माने जाने वाले 'लाल झंडे' बड़े पैमाने पर लहराए गए। इस दौरान आक्रोशित जनसैलाब के बीच 'या लथारत अल-खामेनेई' (खामेनेई की हत्या का बदला लो) के गगनभेदी नारे गूंज रहे थे। इस महा-शोकसभा में सबसे हैरान करने वाला नजारा तब दिखा जब जनाजे के वाहनों के आगे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का एक विशाल बैनर लगाया गया। इस आधिकारिक बैनर पर साफ शब्दों में ट्रम्प को मारने वाले के लिए 100 मिलियन डॉलर (करीब 840 करोड़ रुपये) के ईरानी इनाम की घोषणा की गई थी। इसके साथ ही प्रदर्शनकारियों ने सरेराह ट्रम्प के पुतले को फांसी पर लटकाकर अपना भारी आक्रोश जाहिर किया।
ईरानी नेतृत्व की दो टूक: 'हत्यारों का पाताल तक करेंगे पीछा'
इस दौरान ईरान के नवनियुक्त राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने वैश्विक मंच को संदेश देते हुए कहा कि यह अंतिम यात्रा केवल शोक मनाने के लिए नहीं, बल्कि खामेनेई के दिखाए 'प्रतिरोध' (Resistance) के रास्ते पर और मजबूती से आगे बढ़ने का महा-संकल्प है। वहीं, ईरान के सेना प्रमुख अमीर हातमी ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी कि सर्वोच्च नेता की हत्या की साजिश रचने वालों का पीछा ईरानी सेना कभी नहीं छोड़ेगी। इसके साथ ही ईरान ने साफ किया है कि मध्य-पूर्व या दुनिया का जो भी देश इस सैन्य टकराव में अमेरिका को अपनी धरती का इस्तेमाल करने देगा या उसका साथ देगा, उसे ईरान अपनी मिसाइलों से निशाना बनाने में पल भर की भी देरी नहीं करेगा।
जवाब में अमेरिका का महा-ऐक्शन, सैन्य बेसों पर दागीं 85 मिसाइलें
ईरान की इस खुली आक्रामकता और होर्मुज स्ट्रेट में अमेरिकी तेल टैंकरों पर हुए हमलों के बाद, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के साथ हुआ अंतरिम युद्धविराम समझौता तुरंत खत्म करने का आदेश दे दिया। इसके तुरंत बाद अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने ईरान के 80 से अधिक मिसाइल लॉन्च पैड्स, एयर डिफेंस सिस्टम और पोर्ट फैसिलिटीज पर भीषण बमबारी शुरू कर दी। इस अमेरिकी स्ट्राइक के जवाब में पूरी तरह भड़के ईरान ने भी कसम पूरी करते हुए बहरीन और कुवैत में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ताबड़तोड़ 85 मिसाइलें दागकर मिडिल ईस्ट को बारूद के ढेर पर ला खड़ा किया है।