नेपाल में खूनी हाथी का ‘कहर’, 14 साल में 25 लोगों की ले ली जान, एक ही परिवार पर दो बार हुआ हमला

Rahul Jadaun 08 Jul 2026 06:42: PM 2 Mins
नेपाल में खूनी हाथी का ‘कहर’, 14 साल में 25 लोगों की ले ली जान, एक ही परिवार पर दो बार हुआ हमला

इंटरनेशनल डेस्क: नेपाल के तराई इलाकों में एक जंगली हाथी का आतंक इस कदर बढ़ गया है कि ग्रामीण रात-दिन खौफ के साए में जीने को मजबूर हैं। वन्यजीव अधिकारियों के मुताबिक, पिछले 14 वर्षों में इस अकेले हाथी ने अलग-अलग हमलों में कुल 25 लोगों को मौत के घाट सुला दिया है। स्थानीय स्तर पर 'रोनाल्डो' नाम से कुख्यात इस जंगली हाथी ने हाल ही में एक ही परिवार पर दूसरी बार जानलेवा हमला कर तबाही मचाई है, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है।

एक ही परिवार पर दो बार हमला, बाल-बाल बचीं दो जिंदगियां

यह ताजा और दिल दहला देने वाली घटना नेपाल के चितवन राष्ट्रीय उद्यान (Chitwan National Park) के पास स्थित एक सीमावर्ती गांव की है। रिपोर्ट के अनुसार, 'रोनाल्डो' नाम के इस विशालकाय हाथी ने आधी रात को एक स्थानीय ग्रामीण के घर पर धावा बोल दिया। हाथी ने घर की दीवारों और छप्पर को बुरी तरह तहस-नहस कर दिया। इस घर में रहने वाली एक बुजुर्ग महिला और उनकी पोती ने भागकर किसी तरह अपनी जान बचाई। हैरान करने वाली बात यह है कि ठीक तीन साल पहले भी इसी हाथी ने इसी परिवार के घर को निशाना बनाया था, जिसमें परिवार के एक सदस्य की मौत हो गई थी।

14 साल से आतंक का पर्याय बना 'रोनाल्डो'

नेपाल के वन्यजीव संरक्षण विभाग (Department of National Parks and Wildlife Conservation) के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, इस हाथी का हिंसक व्यवहार साल 2012 से लगातार रिकॉर्ड किया जा रहा है। आमतौर पर शांत रहने वाले एशियाई हाथियों के विपरीत, 'रोनाल्डो' इंसानी बस्तियों में घुसकर फसलों को बर्बाद करने और घरों को तोड़ने के लिए कुख्यात हो चुका है। अब तक इसके हमलों में 25 नागरिकों की जान जा चुकी है, जबकि दर्जनों लोग गंभीर रूप से घायल और अपंग हो चुके हैं। वन विभाग की टीमें कई बार इसे पकड़ने या रेडियो कॉलर लगाने की कोशिश कर चुकी हैं, लेकिन यह हर बार घने जंगलों का फायदा उठाकर चकमा देने में कामयाब हो जाता है।

क्यों हिंसक हो रहे हैं जंगली हाथी? विशेषज्ञों की राय

पर्यावरणविदों और वन्यजीव वैज्ञानिकों के अनुसार, हाथियों के इस तरह आक्रामक होने के पीछे मुख्य वजह उनके प्राकृतिक आवास (Natural Habitat) का तेजी से नष्ट होना है। इंसानी बस्तियों के विस्तार और खेती के कारण हाथियों के पारंपरिक गलियारे (Elephant Corridors) ब्लॉक हो चुके हैं। भोजन और पानी की तलाश में जब ये भारी-भरकम जीव रिहायशी इलाकों का रुख करते हैं, तो मानव-वन्यजीव टकराव (Human-Wildlife Conflict) की ऐसी हिंसक घटनाएं सामने आती हैं। फिलहाल, चितवन राष्ट्रीय उद्यान की विशेष टीमें ड्रोन और प्रशिक्षित हाथियों की मदद से 'रोनाल्डो' की लोकेशन को ट्रैक करने में जुटी हैं ताकि ग्रामीणों को सुरक्षित रखा जा सके।

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