नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ हाल ही में किए गए अंतरिम शांति समझौते को लगभग खत्म घोषित कर दिया है. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तीन व्यापारिक जहाजों पर हमले के बाद अमेरिका के नए सैन्य हमलों के जवाब में ट्रंप ने सख्त रुख अपनाते हुए ईरानी नेताओं को "scum" (गंदे लोग) और "sick people" (बीमार लोग) करार दिया.
तुर्की में NATO समिट के दौरान ट्रंप ने कहा, "मेरे लिए MoU (समझौता) खत्म हो गया है. मैं अब उनके साथ कोई डील नहीं करना चाहता." उन्होंने ईरानी नेतृत्व को "विश्वासघाती, हिंसक और झूठे" बताया और चेतावनी दी कि अगर उनके पास न्यूक्लियर हथियार होता तो वे जरूर इस्तेमाल करते. ट्रंप ने कहा कि वार्ताकार बातचीत जारी रख सकते हैं, लेकिन इसे "समय की बर्बादी" बताया. उन्होंने ईरानी नेताओं को "cuckoos" (पागल) बताते हुए किसी भी तरह की डील से इनकार कर दिया.
तनाव क्यों बढ़ा?
मामला तब और गंभीर हो गया जब मंगलवार को ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में तीन व्यापारिक जहाजों पर हमला किया. इनमें एक जहाज ओमान से भारत जा रहा था. अमेरिका ने इसके जवाब में ईरान के 80 से ज्यादा सैन्य ठिकानों पर भारी हमले किए, जिसमें निगरानी प्रणाली, मिसाइल साइटें और बंदरगाह शामिल थे.
ईरान ने भी कुवैत और बहरीन में अमेरिकी ठिकानों पर हमले किए और एक MQ-9 ड्रोन गिराने का दावा किया. यह घटनाक्रम उस समझौते के महज तीन हफ्ते बाद हुआ है, जिसे दोनों देशों के बीच युद्ध रोकने के लिए हस्ताक्षरित किया गया था.
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के 20% तेल परिवहन का रास्ता है, जिसके कारण वैश्विक तेल की कीमतों में भी उछाल आया है. ट्रंप के इन बयानों के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई चिंता पैदा हो गई है. दोनों पक्षों के बीच तनाव कम करने के प्रयास अब और मुश्किल हो गए हैं.