उत्तर प्रदेश: फिरोजाबाद की जिला अदालत ने एक दिल दहला देने वाले मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए डेढ़ साल के मासूम आरव की बेरहम हत्या के दोषी को फांसी की सजा सुनाई है. जिला जज ने इस जघन्य अपराध को 'रेयरेस्ट ऑफ रेयर' (दुर्लभतम) श्रेणी में रखते हुए दोषी विराज उर्फ जितेंद्र पाठक को मृत्युदंड का आदेश दिया. यह घटना फिरोजाबाद के शिकोहाबाद क्षेत्र में यादव कॉलोनी में 30 मई 2026 को घटी थी, जिसका खौफनाक सीसीटीवी वीडियो वायरल होने के बाद पूरा देश सन्न रह गया था.
जिला जज डॉ. बब्बू सारंग की अदालत में दोनों पक्षों की अंतिम दलीलें सुनने के बाद दोपहर 3 बजे फैसला सुरक्षित किया गया था. अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच आरोपी को पेश किया और उसे धारा 302 के तहत दोषी मानते हुए मौत की सजा सुनाई. पीड़ित परिवार ने इस न्याय पर संतोष जताते हुए अदालत के फैसले का स्वागत किया है.
एकतरफा प्यार की सनक: टॉफी के बहाने मासूम को छीनकर मौत के घाट उतारा
मूल रूप से बामई गांव निवासी रती की शादी 2024 में हुई थी, लेकिन दहेज प्रताड़ना के कारण वह अपने मायके आकर रहने लगी थी. रती के ससुराल पक्ष से रिश्ते में देवर लगने वाला विराज उससे एकतरफा प्यार करता था और शादी के लिए दबाव बना रहा था. रती के बार-बार मना करने पर वह इस सनक में अंधा हो गया था.
30 मई 2026 को रती शिकोहाबाद में अपने एक रिश्तेदार के घर आई थी. विराज वहां पहुंच गया और रती की गोद से डेढ़ साल के आरव को 'चॉकलेट-टॉफी' दिलाने के बहाने हंसते हुए बाहर ले गया. गली में लगे सीसीटीवी कैमरों ने वह खौफनाक मंजर कैद किया, जिसने इंसानियत को शर्मसार कर दिया. विराज ने मासूम के दोनों पैर पकड़े और उसे हवा में लहराकर एक के बाद एक, कुल 8 बार सिर के बल कंक्रीट की सड़क पर पटका.
अदालत में कांप उठीं रूहें: टीवी स्क्रीन पर देखा गया हत्या का वीडियो
वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मासूम को वापस रती के पास लाया और झूठ बोला कि वह गिर गया है. अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने आरव को मृत घोषित कर दिया. मामले की सुनवाई के दौरान, फास्ट ट्रैक कोर्ट में जिला जज के सामने बड़ी टीवी स्क्रीन लगाकर हत्या का सीसीटीवी फुटेज दो बार चलाया गया. जब मासूम के पटकने की आवाजें और फुटेज कोर्ट रूम में गूंजी, तो दोषी विराज खुद अपना सिर पटकने लगा और चिल्लाया- 'यह मैंने क्या कर दिया.' सरकारी वकील डीजीसी (DGC) राजीव उपाध्याय ने 6 दिनों की बहस में 13 गवाह पेश किए.
एनकाउंटर और 6 दिन में चार्जशीट: 'जीरो टॉलरेंस' नीति का असर
वारदात का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने आरोपी की घेराबंदी की. मैनपुरी रोड के बूढ़ा भत्तरा मोड़ के पास पुलिस मुठभेड़ में हत्यारे विराज के दोनों पैरों में गोलियां लगीं, जिसके बाद उसे गिरफ्तार किया गया. योगी सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत पुलिस ने मात्र 6 दिनों के भीतर 75 पन्नों की पुख्ता चार्जशीट दाखिल कर दी थी, जिससे इस मामले की तेजी से सुनवाई हो सकी.