नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश STF की नोएडा यूनिट और आगरा पुलिस की संयुक्त टीम ने शुक्रवार रात बड़ी सफलता हासिल की. आगरा के एकता थाना क्षेत्र में मुठभेड़ में गाजियाबाद का कुख्यात अपराधी पवन उर्फ कल्लू को गोली मार दी गई. वह 50 हजार रुपए का इनामी था. अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. पवन रणदीप भाटी-अमित कसाना गैंग का शार्प शूटर था.
यह भी पढ़ें: टीचर ने परीक्षा पेपर के बदले छात्र से 80 ग्राम सोना ऐंठा, छात्र ने जहर खा लिया
उसके खिलाफ कुल 18 से अधिक गंभीर मुकदमे दर्ज थे, जिनमें चार हत्या, दो रंगदारी और अन्य अपराध शामिल हैं. जेल से रिहा होने के बाद वह बड़े पैमाने पर रंगदारी वसूल रहा था और दिल्ली-एनसीआर व पश्चिमी यूपी में बड़ी वारदात की साजिश रच रहा था. हाल ही में आगरा के ताजगंज थाने में रंगदारी के एक नए केस में वह फरार चल रहा था.
यह भी पढ़ें: चोर मंदिर में घुसे, देवी के सामने प्रार्थना की, फिर दान पेटियां लेकर फरार
मुठभेड़ के दौरान बदमाश ने पुलिस पर फायरिंग की और बाइक से भागने की कोशिश की, लेकिन जवाबी कार्रवाई में सीने में गोली लगने से वह घायल हो गया. उसे तुरंत एसएन मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया. पुलिस ने उसके कब्जे से 9 एमएम पिस्टल और बाइक बरामद की. यह पिस्टल उसने वर्ष 2016 में गौतमबुद्ध नगर (नोएडा) के बिसरख थाना क्षेत्र से एक कॉन्स्टेबल मोनू धीमन (जो तब एडीजे के पीएसओ थे) से लूटी थी.
यह भी पढ़ें: रोल नंबर लेने गई 10वीं की छात्रा नहीं लौटी: गैंगरेप कर ले ली जान, स्कूलमेट भी आरोपी
पवन गाजियाबाद के सिरौली का निवासी था. जेल में रहते हुए वह हरियाणा के हिमांशु भाऊ गैंग से भी जुड़ गया था. 2021 में एक हत्या केस में उस पर एक लाख रुपये का इनाम भी लगाया गया था, तब दिल्ली पुलिस ने उसे पकड़ा था. एसटीएफ और पुलिस की यह कार्रवाई अपराधियों पर सख्ती का संकेत दे रही है. जांच जारी है और आगे की जानकारी मिलने पर और खुलासे हो सकते हैं.