तेहरान/वॉशिंगटन: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है. सीजफायर के बावजूद अमेरिका ने ईरान पर बड़े पैमाने पर एयरस्ट्राइक की है. अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, 80 से ज्यादा सैन्य ठिकानों को सटीक हथियारों से निशाना बनाया गया. अमेरिका ने यह कार्रवाई होर्मुज स्ट्रेट में तीन जहाजों पर हुए ईरानी हमलों के जवाब में की.
वॉशिंगटन ने ईरान को इन हमलों के लिए जिम्मेदार ठहराया. हमलों में ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम, कमांड सेंटर, रडार, मिसाइल साइट्स, ड्रोन बेस और IRGC की दर्जनों मिलिट्री बोट्स को निशाना बनाया गया. ईरानी मीडिया के मुताबिक, बंदर अब्बास, केश्म द्वीप और सीरिक इलाके में जोरदार धमाके हुए और कई जगहों पर आग लग गई.
ईरान ने तुरंत जवाबी कार्रवाई की. इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया कि उसने बहरीन और कुवैत में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर 85 से ज्यादा टारगेट्स को निशाना बनाया. दोनों देशों में एयर रेड सायरन बजाए गए और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की गई.
यह हमला ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के जनाजे के बीच हुआ. इससे पहले होर्मुज स्ट्रेट में ईरान पर तीन टैंकरों (जिनमें कतर का भी शामिल) पर हमले का आरोप लगा था. अमेरिका-ईरान के बीच हाल ही में सीजफायर हुआ था, लेकिन होर्मुज स्ट्रेट विवाद और जहाजों पर हमलों ने फिर से तनाव बढ़ा दिया है.