पिथौरागढ़: उत्तराखंड कांग्रेस में एक बार फिर आंतरिक कलह सार्वजनिक रूप से सामने आ गई. मंगलवार को पिथौरागढ़ में आयोजित 'परिवर्तन संकल्प सम्मेलन' के मंच पर महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष भावना नगरकोटी और स्थानीय विधायक मयूख महर के बीच तीखी तकरार हो गई. विवाद इतना बढ़ा कि विधायक मयूख महर कार्यक्रम का बहिष्कार कर बीच में ही चले गए.
पिथौरागढ़ में आयोजित परिवर्तन संकल्प सम्मेलन के दौरान कांग्रेस नेताओं के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। हंगामे के बीच विधायक मयूख मेहर सम्मेलन बीच में ही छोड़कर चले गए। इस दौरान सम्मेलन हॉल मुर्दाबाद के नारों से गूंज उठा। यह पूरा घटनाक्रम प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल की मौजूदगी… pic.twitter.com/h6Wruasahl
— bhUpi Panwar (@askbhupi) June 30, 2026
कार्यक्रम की शुरुआत में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल समेत कई नेताओं का भव्य स्वागत किया गया. लेकिन जब भावना नगरकोटी ने स्वागत भाषण देते हुए निकाय चुनावों को लेकर विधायक मयूख महर पर सवाल उठाए, तो माहौल बिगड़ गया. विधायक महर ने इसे सुनियोजित साजिश बताते हुए कहा कि उन्हें मंच पर अपमानित किया गया. उन्होंने कार्यक्रम छोड़ दिया.
पार्टी की सख्त कार्रवाई
घटना के बाद कांग्रेस प्रदेश नेतृत्व ने सख्त रुख अपनाया. पिथौरागढ़ महिला कांग्रेस की जिला कार्यकारिणी को भंग कर दिया गया है. भावना नगरकोटी समेत तीन नेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है. संतोषजनक जवाब न मिलने पर 6 साल के लिए पार्टी से निष्कासन की चेतावनी दी गई है.
प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि सार्वजनिक कार्यक्रमों में अनुशासन बनाए रखना चाहिए. उन्होंने विवाद सुलझाने का आश्वासन दिया. भावना नगरकोटी ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि उन्होंने अपनी पीड़ा मर्यादित तरीके से रखी थी. यह घटना उत्तराखंड कांग्रेस में बढ़ती अंदरूनी कलह को फिर एक बार उजागर करती है.