प्यास की राजनीति से उबरा बुंदेलखंडः 99% घरों तक पहुंचा नल का जल!

Global Bharat 18 Feb 2026 11:55: PM 1 Mins
प्यास की राजनीति से उबरा बुंदेलखंडः 99% घरों तक पहुंचा नल का जल!
  • बांदा, चित्रकूट, महोबा, हमीरपुर, ललितपुर, झांसी और जालौन में एफएचटीसी कई जिलों में 99 प्रतिशत तक
  • 2019 से पहले दो प्रतिशत से भी कम घरों तक नल-जल ‘जल जीवन मिशन’ से बदली प्रदेश की तस्वीर
  • भौतिक ढांचा लगभग पूरा, अब नियमित जल आपूर्ति और संचालन व्यवस्था पर सरकार का फोकस

लखनऊ: कभी पानी की किल्लत और प्यास की राजनीति के लिए चर्चित रहा बुंदेलखंड अब नल से जल आपूर्ति के मामले में नई पहचान बना रहा है. ‘जल जीवन मिशन’ के अंतर्गत वर्तमान आंकड़ों के अनुसार बुंदेलखंड मंडल के सातों जिलों में 98 प्रतिशत से अधिक ग्रामीण घरों को फंक्शनल हाउसहोल्ड टैप कनेक्शन (एफएचटीसी) उपलब्ध कराया जा चुका है. कई जिलों में यह कवरेज 99 प्रतिशत के करीब पहुंच गया है. योगी आदित्यनाथ सरकार इसे ग्रामीण जीवन स्तर में ऐतिहासिक बदलाव का संकेत मान रही है.

बांदा में कुल 2,68,960 ग्रामीण घरों में से 2,68,722 घरों को नल कनेक्शन दिया जा चुका है, जो लगभग 99.91 प्रतिशत है. चित्रकूट में 1,63,970 में से 1,63,698 घरों तक कनेक्शन पहुंचा है, जो 99.83 प्रतिशत है. महोबा में 1,40,149 में से 1,39,904 घरों (99.83 प्रतिशत),  हमीरपुर में 1,86,530 में से 1,85,693 घरों (99.55 प्रतिशत) और ललितपुर में 2,06,983 में से 2,05,966 घरों (99.51 प्रतिशत) को नल से जल सुविधा मिल चुकी है. झांसी में 2,51,232 में से 2,49,111 (99.16 प्रतिशत) तथा जालौन में 2,12,069 में से 2,08,174 घरों (98.16 प्रतिशत) को कवर किया गया है. समूचे बुंदेलखंड जोन में कुल 7,59,609 घरों में से 7,58,017 घरों तक कनेक्शन पहुंच चुका है, जो 99.79 प्रतिशत कवरेज दर्शाता है.

2019 से पहले प्रदेश में ग्रामीण नल जल कवरेज दो प्रतिशत से भी कम था. बुंदेलखंड जैसे सूखा प्रभावित क्षेत्र में पाइप से पेयजल सुविधा अपवाद मानी जाती थी. जल जीवन मिशन की शुरुआत के बाद बड़े पैमाने पर आधारभूत ढांचे का निर्माण किया गया. ट्यूबवेल, पंप हाउस, ओवरहेड टैंक और व्यापक पाइपलाइन नेटवर्क बिछाने का कार्य तेजी से पूरा किया गया. भौतिक संरचना लगभग पूर्ण हो चुकी है और अब ध्यान कमीशनिंग तथा नियमित जल आपूर्ति सुनिश्चित करने पर है.

इससे ग्रामीण महिलाओं के जीवन में बड़ा बदलाव आया है. दूरदराज क्षेत्रों में पानी लाने की मजबूरी खत्म होने से समय की बचत, स्वास्थ्य में सुधार और सामाजिक-आर्थिक गतिविधियों में वृद्धि देखी जा रही है. सरकार का लक्ष्य दिसंबर 2026 तक शत प्रतिशत कनेक्शन और निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करना है.

Tap water in Bundelkhand Uttar Pradesh Government Chief Minister Yogi Adityanath

Description of the author

Recent News