नई दिल्ली: जिन नेताओं ने अपने कार्यकर्ताओं का सम्मान किया, उनका स्थान राजनीति में और खासकर कार्यकर्ताओं की नज़र में बहुत ऊंचा होता है. ये हैं हरियाणा के कैथल के रामपाल कश्यप. 14 साल पहले यानि साल 2011 में इन्होंने एक कसम खाई कि गुजरात के सीएम नरेन्द्र मोदी जब तक देश के पीएम नहीं बन जाएंगे. तब तक हम कभी पैरों में जूता या चप्पल नहीं पहनेंगे! अंबेडकर जयंती के मौके पर पीएम मोदी हरियाणा में ही थे और रामपाल कश्यप को मुलाकात के लिए बुलाया गया, वो बिना जूता-चप्पल ही पीएम के पास जाते हैं.
इसके बाद खुद पीएम मोदी रामपाल कश्यप को लेकर एक भावुक पोस्ट करते हैं, जिसमें वो लिखते हैं, ''हरियाणा के यमुनानगर में आज कैथल के रामपाल कश्यप जी से मिलने का सौभाग्य मिला. इन्होंने 14 वर्ष पहले एक व्रत लिया था कि ''मोदी जब तक प्रधानमंत्री नहीं बन जाते और मैं उनसे मिल नहीं लेता, तब तक जूते नहीं पहनूंगा.'' मुझे आज उनको जूते पहनाने का अवसर मिला. मैं ऐसे सभी साथियों की भावनाओं का सम्मान करता हूं, परंतु मेरा आग्रह है कि वो इस तरह के प्रण लेने की बजाय किसी सामाजिक अथवा देशहित के कार्य का प्रण लें.
बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को हरियाणा के यमुनानगर में एक थर्मल पावर प्लांट की क्षमता बढ़ाने की परियोजना की आधारशिला रखी. प्रधानमंत्री मोदी को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सुविधा प्रदान की, उन्होंने बताया कि यह कार्यक्रम अंबेडकर जयंती के "शुभ दिन" पर कैसे हुआ.
प्रधानमंत्री मोदी कई विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखने के लिए हरियाणा के दौरे पर हैं. केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर सहित अन्य नेता भी मौजूद थे. इससे पहले प्रधानमंत्री ने हिसार और अयोध्या के बीच पहली व्यावसायिक उड़ान को हरी झंडी दिखाई और हिसार हवाई अड्डे पर नए टर्मिनल की आधारशिला रखी. यमुनानगर में प्रधानमंत्री ने दीनबंधु छोटू राम बिजली संयंत्र की क्षमता बढ़ाकर 800 मेगावाट करने की आधारशिला रखी.