प्रयागराज : उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में पार्क की जमीन को कथित तौर पर कब्रिस्तान में मिलाकर कब्जा किए जाने का मामला सामने आया है. करीब 20 साल बाद यह मामला तब सामने आया, जब प्रयागराज के मेयर उमेश चंद्र गणेश केसरवानी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर पार्क की जमीन को कब्जे से मुक्त कराने और उसकी पुरानी स्थिति बहाल करने की मांग की.
मेयर के मुताबिक, दरियाबाद स्थित पटेल नगर हाउसिंग स्कीम के मूल लेआउट में पार्क और प्लेग्राउंड के लिए त्रिकोणाकार जमीन चिन्हित थी. कॉलोनी के बच्चे करीब 2006 तक इस स्थान का खेलकूद और सामाजिक गतिविधियों के लिए इस्तेमाल करते थे. आरोप है कि वर्ष 2006 में तत्कालीन सपा सरकार के दौरान अचानक इस जमीन को दरियाबाद कब्रिस्तान में मिला दिया गया.
मेयर के पत्र में दावा किया गया है कि 14, 15 और 18 अगस्त 2006 की सार्वजनिक छुट्टियों के दौरान हजारों मजदूर लगाकर महज तीन दिनों में पार्क के चारों ओर कच्ची-पक्की दीवार खड़ी कर दी गई. पत्र में तत्कालीन शहरी विकास मंत्री मोहम्मद आजम खान और माफिया अतीक अहमद की कथित सहमति का भी आरोप लगाया गया है. हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही होगी.
मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मेयर के पत्र का संज्ञान लिया और प्रयागराज के डीएम को कार्रवाई के निर्देश दिए. डीएम मनीष कुमार वर्मा ने जांच के लिए राजस्व विभाग और प्रयागराज विकास प्राधिकरण की दो अलग-अलग टीमें गठित की हैं.
अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट पर है. रिपोर्ट में यदि पार्क की जमीन पर अवैध कब्जे की पुष्टि होती है, तो उसे कब्जा मुक्त कराकर दोबारा पार्क के रूप में बहाल किए जाने की कार्रवाई हो सकती है.