नई दिल्ली: प्रयागराज के कीडगंज क्षेत्र में एक सनसनीखेज घटना सामने आई है, जहां एक महिला आईएएस अधिकारी के किराए के मकान में अनैतिक देह व्यापार का अड्डा चल रहा था. पुलिस ने स्थानीय निवासियों की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए रविवार को छापा मारकर इस रैकेट का पर्दाफाश किया.
यह मकान घनी आबादी वाले पुराने इलाके में स्थित है. किराएदार ने तीन महीने पहले इसे 15 हजार रुपये मासिक किराए पर लिया था और एग्रीमेंट में परिवार के साथ रहने का उल्लेख था. शुरुआती दिनों में किराएदार ने अपने परिवार को यहां रखकर आस-पड़ोस का भरोसा जीता, लेकिन बाद में परिवार को दूसरे जगह शिफ्ट कर दिया गया. इसके बाद मकान में संदिग्ध गतिविधियां शुरू हो गईं. दिन-रात अजनबी युवक-युवतियों का आना-जाना बढ़ गया, खासकर रात में हलचल और शोर से मोहल्ले वाले परेशान हो गए. आखिरकार कुछ लोगों ने पुलिस को सूचना दी.
पुलिस ने पहले गुप्त निगरानी की और पुष्टि होने पर विशेष टीम बनाकर अचानक दबिश दी. दरवाजा नहीं खुलने पर जबरन प्रवेश किया गया. अंदर का दृश्य देखकर पुलिसकर्मी भी स्तब्ध रह गए. अलग-अलग कमरों में चार युवतियां और पांच युवक आपत्तिजनक हालत में मिले. कुछ संदिग्ध वस्तुएं भी जब्त की गईं. मकान के बाहर निगरानी कर रहा एक शख्स पकड़ा गया, जिसकी पहचान सर्वेश द्विवेदी के रूप में हुई. वह इस पूरे ऑपरेशन का मुख्य संचालक बताया जा रहा है और अतरसुइया क्षेत्र का निवासी है.
जांच में पता चला कि पकड़ी गई युवतियों में दो प्रयागराज की, एक वाराणसी की और एक पश्चिम बंगाल की है. युवक सभी स्थानीय बताए जा रहे हैं. पुलिस अब यह पता लगा रही है कि इन युवतियों को कैसे लाया गया, कोई एजेंट शामिल था या नहीं और क्या यह नेटवर्क दूसरे शहरों से जुड़ा है. सभी पकड़े गए लोगों के खिलाफ अनैतिक व्यापार निवारण अधिनियम समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया है और गहन पूछताछ चल रही है.
महिला आईएएस अधिकारी की इस मामले में कोई भूमिका नहीं पाई गई है. पुलिस का कहना है कि उन्हें किराएदार की इन गतिविधियों की कोई भनक नहीं थी. मामला सामने आने से पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है.