गोरखपुर के बाहुबली के बेटे को ईडी ने क्यों किया गिरफ्तार, छापेमारी में घर से क्या-क्या मिला, जानिए...

Abhishek Chaturvedi 07 Apr 2025 08:39: PM 3 Mins
गोरखपुर के बाहुबली के बेटे को ईडी ने क्यों किया गिरफ्तार, छापेमारी में घर से क्या-क्या मिला, जानिए...

गोरखपुर के हाता वाले बाबा के घर पड़ा छापा, 6 गाड़ियों में पहुंची ईडी की टीम, करीब 6 घंटे तक चली तलाशी!
• घर से ऐसा क्या मिला, पूर्व विधायक विनय शंकर को किया गिरफ्तार, उधर लखनऊ से अजीत पांडे को भी उठाया
• सीएम योगी और हरिशंकर तिवारी की दुश्मनी का किस्सा हुआ वायरल, 754 करोड़ का खेल सुनकर हिल जाएंगे

ये तस्वीरें हैं गोरखपुर के हाते की, जहां से कभी पूरे उत्तर प्रदेश की सियासत कंट्रोल होती थी, ये एक आलीशान हवेली है, जिसे तिवारी हाता कहा जाता है. यहां 7 अप्रैल की सुबह 6 बजे 6 गाड़ियों में बैठकर ईडी टीम के अधिकारी पहुंचते हैं, करीब 6 घंटे से ज्यादा तक तलाशी चलाती है, और कुछ ऐसी चीजें बरामद होती है कि वहां से करीब 270 किलोमीटर की दूरी पर बैठे हरिशंकर तिवारी के बेटे और पूर्व विधायक विनय शंकर तिवारी को ईडी की एक टीम गिरफ्तार कर लेती है, उनके साथ ही उनकी कंपनी के जनरल मैनेजर अजीत पांडे को भी पकड़ा जाता है. एक साथ ईडी की करीब 10 टीमें गोरखपुर, मुंबई और दिल्ली समेत 10 अलग-अलग जगहों पर छापा मारती है. महाराजगंज में इनके रिश्तेदार के यहां भी छापा पड़ता है. जिसे लेकर विनय शंकर के भाई कहते हैं ये बदले की कार्रवाई है, सोशल मीडिया पर सीएम योगी और हरिशंकर तिवारी की दुश्मनी का किस्सा भी वायरल होने लगता है, पर उस पर आएं उससे पहले सुनिए मामला क्या है, फिर बताते हैं घर से क्या-क्या मिला.

क्या है 754 करोड़ वाला केस?

गंगोत्री इंटरप्राइजेज नाम की कंपनी खोलकर विनय शंकर तिवारी ने अपनी पत्नी रीता तिवारी और मैनेजर अजीत कुमार पांडेय के साथ मिलकर 7 बैंकों से 754 करोड़ की धोखाधड़ी की. ये पता चला है कि कैश क्रेडिट लिमिट जो को धोखाधड़ी से हड़प लिया गया है. बैंक ऑफ इंडिया के नेतृत्व में 7 बैंकों को ये चूना लगा है, जिसके बाद सीबीआई ने पहले धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया, फिर ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग का मुकदमा दर्ज किया. 18 मार्च को विनय शंकर तिवारी की 30 करोड़ की प्रॉपर्टी ईडी ने अटैच भी की थी.

जिसके बाद से गिरफ्तारी के बादल मंडरा रहे थे, ऐसी ख़बर है कि इनके घर से कई ऐसे दस्तावेज मिले हैं, जिसमें हिसाब-किताब का जिक्र है, कई इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और वित्तीय रिकॉर्ड जब्त किए गए हैं, जिन्हें ईडी कोर्ट में पेश करने वाली है, पर यूपी की सियासत के बड़े बाहुबली कहे जाने वाले हरिशंकर तिवारी का परिवार ये मानने को तैयार नहीं है कि ये ईडी की भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई है, बल्कि कुशल शंकर तिवारी कहते हैं सरकार का ये रवैया निंदनीय है. जानकार बताते हैं कि हरिशंकर तिवारी की अदावत वीरेन्द्र शाही के साथ रही, जिन्हें गोरखनाथ मठ से आश्रय मिला था, साल 1997 में हरिशंकर तिवारी के ही चेले श्रीप्रकाश शुक्ला ने शाही को दुनिया से रुख्सत कर दिया, ये वो दौर था जब योगी आदित्यनाथ संसदीय सियासत की शुरुआत कर रहे थे. एक के बाद एक योगी चुनाव जीतते गए, गोरखपुर में ठाकुरों का वर्चस्व बढ़ता गया और हरिशंकर तिवारी की हवा खराब होती रही.

साल 2017 में जब योगी मुख्यमंत्री बने तभी हरिशंकर तिवारी के परिवार ने मान लिया था अब तगड़ा हिसाब होने वाला है, तिवारी बाबा के हाता में यूपी पुलिस ने छापा भी मारा, हालांकि ये भी चौंकाने वाली बात है हरिशंकर तिवारी के खिलाफ दर्जनों मुकदमे हुए, पर सजा किसी में नहीं हुई, मायावती से लेकर मुलायम सरकार तक में वो मंत्री रहे, हिंदुस्तान के इतिहास में जेल से चुनाव जीतने वाले पहले नेता हरिशंकर तिवारी ही थे, जिनके जाते ही अब परिवार नए केस में फंस चुका है, आप इस कार्रवाई पर क्या कहेंगे, कमेंट कर अपनी राय जरूर दें.

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