अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी विवाद के बीच अरविंद केजरीवाल का श्रीरामलला के दर्शन के लिए पहुंचना अब सियासी सवालों में घिर गया है। एक तरफ आम आदमी पार्टी राम मंदिर ट्रस्ट और चढ़ावे की व्यवस्था पर सवाल उठा रही है, दूसरी तरफ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने योगी सरकार पर सीधा सवाल दाग दिया है। अजय राय का आरोप है कि अरविंद केजरीवाल को अयोध्या में राम मंदिर दर्शन के दौरान VVIP व्यवस्था योगी सरकार ने उपलब्ध कराई। अजय राय ने सवाल उठाया कि जब राम सबके हैं, तो फिर कुछ नेताओं के लिए खास इंतजाम और आम श्रद्धालुओं के लिए अलग व्यवस्था क्यों?
'राम' सबके हैं, फिर भाजपा सरकार की दोहरी नीति क्यों?
— Ajay Rai???????? (@kashikirai) June 27, 2026
अयोध्या में अरविंद केजरीवाल के लिए कैमरे और विशेष छूट , लेकिन कांग्रेस के नेताओं और आम श्रद्धालुओं के लिए कड़े नियम? कुछ दिन पहले जब मैंने दर्शन किए, तब व्यवस्था अलग थी।
राजनीतिक सुविधा देखकर नियम बदलने वाली भाजपा सरकार बताए… pic.twitter.com/8fGpkmv0Vm
कांग्रेस इसी बहाने पूछ रही है कि केजरीवाल और योगी सियासी तौर पर भले दूर दिखाई देते हों, लेकिन अयोध्या में यह रिश्ता आखिर क्या कहलाता है? दरअसल, राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में SIT जांच कर रही है। जांच के बीच आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने SIT को दस्तावेज सौंपे हैं। AAP का दावा है कि ये दस्तावेज राम मंदिर से जुड़ी जमीन खरीद, चढ़ावे और वित्तीय व्यवस्था में हुई कथित गड़बड़ियों से जुड़े हैं। इसी आधार पर आम आदमी पार्टी लगातार राम मंदिर ट्रस्ट और चंपत राय की भूमिका पर सवाल उठा रही है।
इस पूरे विवाद के बीच अरविंद केजरीवाल अयोध्या पहुंचे और श्रीरामलला के दर्शन किए। दर्शन के बाद केजरीवाल ने इस मामले को आस्था से जोड़ते हुए कहा कि यह केवल चोरी का मामला नहीं है, बल्कि करोड़ों रामभक्तों के विश्वास से जुड़ा सवाल है। केजरीवाल ने योगी सरकार को घेरते हुए कहा, “चंदा चोर आपकी कुर्सी के पीछे भी पड़े हैं।” इस बयान के जरिए केजरीवाल ने यह संदेश देने की कोशिश की कि अगर राम मंदिर के चढ़ावे में गड़बड़ी हुई है तो उसकी जवाबदेही केवल छोटे कर्मचारियों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए।
श्री राम मंदिर में हुई करोड़ों के चढ़ावे की चोरी पर अयोध्या से महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता | LIVE https://t.co/42qkSRT2Gg
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) June 26, 2026
वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी इस पूरे विवाद पर सख्त रुख दिखाया है। योगी का संदेश साफ है कि आस्था से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों पर कार्रवाई होगी। यहीं से अजय राय का सवाल और बड़ा हो जाता है। कांग्रेस पूछ रही है कि जब केजरीवाल खुद राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में योगी सरकार और ट्रस्ट को घेर रहे हैं, तो फिर उन्हें अयोध्या में VVIP सुविधा क्यों दी गई? क्या यह सिर्फ प्रशासनिक व्यवस्था थी या इसके पीछे कोई सियासी संकेत भी छिपा है? फिलहाल मामला जांच के दायरे में है और किसी को दोषी साबित नहीं किया गया है.