इटावा: समाजवादी पार्टी (सपा) के महासचिव शिवपाल सिंह यादव ने चायल सीट से विधायक पूजा पाल के निष्कासन को लेकर एक तीखा बयान दिया. उन्होंने कहा कि पूजा पाल का राजनीतिक भविष्य अब खत्म हो चुका है और उनका हाल भाजपा के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य जैसा होगा. शिवपाल ने दावा किया कि पूजा अब कभी विधायक नहीं बन पाएंगी. यह बयान तब आया जब हाल ही में सपा ने पूजा पाल को पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में निष्कासित कर दिया था.
पूजा पाल का राजनीतिक सफर
पूजा पाल पूर्व विधायक राजू पाल की पत्नी हैं, जिनकी 2005 में हत्या कर दी गई थी. राजू की हत्या के बाद पूजा ने राजनीति में प्रवेश किया और पहले बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के टिकट पर चुनाव लड़ा. बाद में वे सपा में शामिल हुईं और 2022 में चायल विधानसभा सीट से विधायक चुनी गईं. हाल के समय में उनके पार्टी लाइन से हटकर बयान देने के कारण सपा ने उन्हें पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया.
शिवपाल का योगी सरकार पर हमला
शिवपाल यादव ने उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार पर भी जमकर निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री झूठे और बेतुके दावे करते हैं. शिवपाल ने कहा कि पिछले आठ वर्षों में भाजपा ने कोई भी चुनावी वादा पूरा नहीं किया. उन्होंने किसानों की समस्याओं, बिजली संकट, भ्रष्टाचार और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरा. शिवपाल ने यह भी कहा कि प्रदेश को नौकरशाही के भरोसे छोड़ दिया गया है.
उन्होंने विधानसभा सत्रों की अवधि पर भी सवाल उठाए. शिवपाल के अनुसार, सरकार साल में 45 बैठकें आयोजित करने के बजाय केवल चार दिन के सत्र में रटे-रटाए भाषण देती है. लखनऊ की सड़कों की बदहाली पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि दो दिन की बारिश ने "स्मार्ट सिटी" की सच्चाई उजागर कर दी, जिससे पूरे प्रदेश की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है.
पूजा पाल का जवाब
सपा से निष्कासित होने के बाद पूजा पाल ने अखिलेश यादव के पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक (PDA) नारे पर सवाल उठाए और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रशंसा की. उन्होंने कहा, मैं केवल एक विधायक नहीं, बल्कि हजारों पीड़ित महिलाओं की आवाज हूं. योगी आदित्यनाथ ने प्रयागराज में कई पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाया है. मैं सपा में रहते हुए भी यही कहती थी कि उन्होंने न्याय दिलाने का काम किया है. सही को हमेशा सही कहा जाएगा.
पूजा ने अपनी निजी जिंदगी का जिक्र करते हुए बताया कि उनके पति राजू पाल की हत्या उनकी शादी के मात्र नौ दिन बाद कर दी गई थी. उस कठिन समय में उन्होंने हिम्मत दिखाई और न्याय के लिए संघर्ष किया. पूजा ने कहा, "मैंने बाद में राजनीति शुरू की और विधायक बनी, लेकिन उससे पहले मैं एक पीड़ित पत्नी थी, जिसके पति की दिनदहाड़े हत्या कर दी गई थी.
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