इंटरनेशनल डेस्क: ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार और देश में जारी भारी शोक के बीच पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) से एक बेहद सनसनीखेज और खौफनाक सैन्य टकराव की खबर सामने आई है। तेहरान में जब करोड़ों लोग खामेनेई के जनाजे में शामिल हो रहे थे, ठीक उसी वक्त दुनिया के सबसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण समुद्री व्यापारिक मार्ग हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में अचानक युद्ध भड़क उठा। ईरान की आक्रामक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने इस समुद्री रास्ते से गुजर रहे तीन विशाल कमर्शियल ऑयल टैंकरों पर मिसाइलों और सुसाइड ड्रोन्स से ताबड़तोड़ हमले किए हैं। इस अचानक हुए सैन्य एक्शन के बाद खाड़ी देशों और वैश्विक बाजार में हड़कंप मच गया है।
किस देश के ऑयल टैंकरों को बनाया निशाना?
प्रारंभिक रक्षा इनपुट्स और सैटेलाइट ट्रैकिंग डेटा के मुताबिक, ईरान की नौसेना और मिसाइल यूनिट ने जिन तीन टैंकरों को निशाना बनाया है, वे पश्चिमी देशों और उनके सहयोगियों से जुड़े बताए जा रहे हैं। इनमें से एक टैंकर इजरायल से जुड़े व्यापारिक नेटवर्क का हिस्सा था, जबकि बाकी दो टैंकरों का संबंध अमेरिका और ब्रिटेन समर्थित शिपिंग कंपनियों से है। ईरान द्वारा दागी गईं एंटी-शिप क्रूज मिसाइलों के सीधे प्रहार से तीनों जहाजों में भीषण आग लग गई। जहाजों के डेक और इंजन रूम को भारी नुकसान पहुंचा है, जिसके बाद अंतरराष्ट्रीय नौसैनिक टास्क फोर्स (CMF) को आपातकालीन रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू करना पड़ा है।
अंतिम संस्कार के बीच क्यों भड़का ईरान?
वैश्विक रणनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि खामेनेई की विदाई के इस बेहद नाजुक मोड़ पर ईरान दुनिया को, विशेष रूप से अमेरिका और नाटो (NATO) देशों को अपनी सैन्य ताकत का कड़ा संदेश देना चाहता है। ईरान यह साफ करना चाहता है कि सर्वोच्च नेता के जाने के बाद भी उसकी विदेश नीति और पश्चिम विरोधी रुख में रत्ती भर भी नरमी नहीं आई है। तेहरान ने पश्चिमी प्रतिबंधों और हॉर्मुज क्षेत्र में अमेरिकी युद्धपोतों की बढ़ती आवाजाही को उकसावे की कार्रवाई बताते हुए इस जवाबी हमले को अंजाम दिया है। ईरान का यह कड़ा एक्शन सीधे तौर पर वैश्विक तेल सप्लाई चेन (Oil Supply Chain) को ठप करने की एक बड़ी चेतावनी है।
कच्चे तेल के दामों में भारी उछाल की आशंका, दुनिया अलर्ट
हॉर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया का वो सबसे महत्वपूर्ण समुद्री गलियारा है, जहां से वैश्विक तेल व्यापार का करीब 20 प्रतिशत हिस्सा गुजरता है। इस इलाके में तीन टैंकरों पर हुए मिसाइल हमलों की खबर जैसे ही अंतरराष्ट्रीय कमोडिटी मार्केट तक पहुंची, कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में तत्काल उछाल देखा जाने लगा है। वाशिंगटन और लंदन ने इस हमले की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय नौवहन कानूनों का खुला उल्लंघन बताया है। ओमान की खाड़ी और फारस की खाड़ी के इस पूरे समुद्री क्षेत्र में युद्ध की स्थिति बन गई है, जिससे वैश्विक व्यापारिक जहाजों के रूट बदले जा रहे हैं।