नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के आगरा से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है. यहां एक महिला किशोरी को बहलाकर अपने घर ले गई और कैद कर 30 दिनों तक रखा. इस दौरान हर दिन दो पुरुष आते थे और उसके साथ बारी-बारी से दुष्कर्म करते थे. किशोरी किसी तरह से वहां से अपनी मौसी को फोन मिला दी, जिसके बाद उसने पुलिस को सूचना दी. मौके पर पहुंची पुलिस ने किशोरी को वहशियों के चंगुल से मुक्त कराया. हालांकि सभी आरोपी मौके से फरार हो गए. पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और तलाश शुरू कर दी है.
थाना शाहगंज के नरीपुरा में रह रही एक महिला ने बताया कि उसके मोहल्ले में एक महिला किराए पर रहने आई थी. कुछ दिनों बाद उसका घर आना जाना हो गया. एक दिन वह नाबालिग बेटी को सिलाई मशीन दिलवाने की बात कहकर ले गई, लेकिन कुछ देर बाद ही लौट आई. 13 अगस्त को फिर से महिला घर आई, जब घर पर किशोरी के अलावा कोई नहीं था.
वहीं, पीड़िता ने बताया कि वह उसे साथ जाने के लिए कहा, लेकिन उन्होंने मना कर दिया. फिर उसने सिर्फ एक घंटे में वापस लौटने की बात कहकर उसे साथ ले गई और बहला-फुसलाकर मायके लेकर चली गई, जहां उसे कमरे में बंधक बना कर रखा. इस दौरान महिला के भाई संदीप और मनमोहन नाम के दो व्यक्ति रोज उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म करते थे. पीड़िता ने बताया कि सिर्फ खाना देने के लिए घर का गेट खोला जाता और जो भी खाना देने आता रेप करता था.
यही सिलसिला एक महीने तक चलता रहा. पीड़िता ने बताया कि वह किसी तरह से बचकर मौसी को फोन की. इसके बाद पुलिस पहुंची और उसे बचाया. वहीं, आरोपी उसे छोड़कर फरार हो गए थे. लोहामंडी एसीपी मयंक तिवारी ने बताया कि किशोरी का मेडिकल परीक्षण करा लिया गया है. आरोपी तलाश की जा रही है. जल्द ही सभी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा.
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