इस्लामाबाद: भारत ने बुधवार को पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में आतंकी ठिकानों पर 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत हमला किया. इसके जवाब में पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा कि अगर भारत इस ऑपरेशन और अन्य आक्रामक कदमों को रोक देता है, तो पाकिस्तान भी तनाव को बढ़ाने से परहेज करेगा. ख्वाजा आसिफ ने ब्लूमबर्ग टेलीविजन से बातचीत में कहा, "पिछले दो हफ्तों से हम बार-बार कह रहे हैं कि हम भारत के खिलाफ कोई शत्रुतापूर्ण कार्रवाई शुरू नहीं करेंगे. लेकिन अगर हम पर हमला होता है, तो हम जवाब जरूर देंगे. अगर भारत अपनी कार्रवाइयों से पीछे हटता है, तो हम निश्चित रूप से इस तनाव को खत्म कर देंगे." जब उनसे पूछा गया कि क्या दोनों देशों के बीच बातचीत की संभावना है, तो उन्होंने कहा कि उन्हें ऐसी किसी भी संभावित चर्चा की जानकारी नहीं है.
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भारत ने क्यों शुरू किया ऑपरेशन सिंदूर?
भारत के रक्षा मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि 'ऑपरेशन सिंदूर' 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में शुरू किया गया. इस हमले में 25 भारतीय नागरिकों और एक नेपाली नागरिक की मौत हो गई थी, जबकि कई अन्य घायल हुए थे. मंत्रालय ने कहा, "हमारी कार्रवाइयां केंद्रित, संतुलित और गैर-आक्रामक प्रकृति की थीं. पाकिस्तान के किसी भी सैन्य ठिकाने को निशाना नहीं बनाया गया."
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आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले
सूत्रों के अनुसार, भारत ने नौ आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया, और सभी हमले सफल रहे. भारतीय सेना ने जैश-ए-मोहम्मद (JeM) और लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के उन शीर्ष आतंकी नेताओं को निशाना बनाया, जो भारत में आतंकी गतिविधियों को प्रायोजित करने में शामिल थे. इन ठिकानों को सावधानीपूर्वक चुना गया ताकि आतंकवाद के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की जा सके.
अमेरिका की प्रतिक्रिया आई सामने
ऑपरेशन सिंदूर के बाद, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि वह भारत और पाकिस्तान के बीच स्थिति पर बारीकी से नजर रखे हुए हैं. रुबियो ने भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और पाकिस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार से बात की. उन्होंने दोनों देशों से संवाद की लाइनें खुली रखने और तनाव को बढ़ाने से बचने की अपील की. अमेरिकी विदेश विभाग ने एक्स पर एक बयान जारी कर कहा, "आज दोपहर, विदेश मंत्री रुबियो ने भारत और पाकिस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों से बात की. उन्होंने दोनों पक्षों से संवाद बनाए रखने और तनाव को कम करने का आग्रह किया."
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तनाव कम करने की जरूरत
भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव का इतिहास रहा है, और इस तरह की घटनाएं दोनों देशों के संबंधों को और जटिल बना सकती हैं. भारत ने हमेशा आतंकवाद के खिलाफ अपनी जीरो टॉलरेंस नीति को दोहराया है, जबकि पाकिस्तान का कहना है कि वह शांति चाहता है लेकिन किसी भी हमले का जवाब देने के लिए तैयार है. अंतरराष्ट्रीय समुदाय, खासकर अमेरिका, इस स्थिति को शांत करने की कोशिश कर रहा है ताकि दोनों देशों के बीच संवाद के रास्ते खुले रहें. ऑपरेशन सिंदूर ने एक बार फिर भारत की आतंकवाद के खिलाफ मजबूत इच्छाशक्ति को दिखाया है. दूसरी ओर, पाकिस्तान के रक्षा मंत्री का बयान तनाव को कम करने की दिशा में एक संकेत हो सकता है,