नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए एक महत्वपूर्ण अपील की है.
उन्होंने कहा कि वे पूज्य शंकराचार्य जी के चरणों में प्रणाम करते हैं और उनसे विनम्र निवेदन है कि संगम में स्नान कर लें तथा इस पूरे विवाद को यहीं समाप्त कर दें. साथ ही, उन्होंने स्पष्ट किया कि माघ मेले में हुई घटना की गहन जांच कराई जाएगी और दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी.
यह बयान माघ मेले के दौरान मौनी अमावस्या पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को पालकी सहित संगम स्नान करने से जुड़े विवाद के संदर्भ में आया है. संत के पक्ष में दावा है कि प्रशासन ने उन्हें रोका, पालकी से उतरने को कहा और समर्थकों के साथ मारपीट हुई, जिसमें कई लोग घायल हुए.
दूसरी ओर, प्रशासन का पक्ष है कि बैरिकेड तोड़कर भीड़ संगम नोज पर पहुंची थी, जिससे भगदड़ का खतरा पैदा हो सकता था. इसलिए सुरक्षा के मद्देनजर कदम उठाए गए, किसी साधु-संत का अपमान नहीं किया गया और न ही स्नान से रोका गया.
वर्तमान में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद धरना दे रहे हैं और मामला सियासी-धार्मिक स्तर पर चर्चा में है. उपमुख्यमंत्री के बयान को इस तनाव को कम करने और सम्मानजनक समाधान की दिशा में एक सकारात्मक प्रयास के रूप में देखा जा रहा है.