7 साल से योगी आदित्यनाथ एक ही बात सोच रहे हैं, कैसे यूपी से भ्रष्टाचार की जड़ें मिटा दूं, लेकिन ये घुन की तरह सिस्टम में ऐसे घुस गया है कि निकालना मुश्किल हो गया है. लेखपाल के पास जाइए तो रिश्वत, फाइल बढ़ानी है तो रिश्वत, बदलते दौर के साथ इसका नाम भी बदल गया, अब ये सुविधा शुल्क हो गया. लेकिन जनता को राहत नहीं मिली, पर अब योगी आदित्यनाथ को एक ऐसा ऑफिसर मिला है, जिसने इसका समाधान मिनटों में ढूंढ लिया और ऑपरेशन 75 सीधा लॉन्च कर दिया.
क्या है ऑपरेशन 75
नतीजा ये हुआ कि सिर्फ 24 घंटे में तीन छोटी मछलियों को विजिलेंस की टीम ने रंगेहाथों धर लिया. कानपुर के एक हेड कॉन्स्टेबल शाहनवाज खान ने एससी/एसटी मुकदमे में प्रोगेस रिपोर्ट के लिए 35 हजार की रिश्वत मांगी, 20 हजार पर डील फाइनल हुई, पीड़ित ने विजिलेंस को शिकायत दे दी, 20 हजार रुपये लेते शहनवाज पकड़ा गया. कानपुर से ही दूसरी शिकायत विजिलेंस को मिली, रजिस्ट्री ऑफिस में काम करने वाला नीरज मल्होत्रा रिश्वत मांग रहा था. जिसे 10 हजार लेते गिरफ्तार कर लिया गया. अमेठी में एसडीएम का पेशकार रिश्वत का पैसे लेकर बैठा था, एंटी करप्शन टीम पहुंची तो देखकर जेब से पैसे निकालकर छिपाने लगा, रंगे हाथों पकड़ा गया.
ये तीन उदाहऱण सिर्फ ये बताने के लिए हैं कि भ्रष्टाचारियों के साथ क्या हो रहा है, लेकिन अब सुनिए इतनी सख्ती के पीछे वो अधिकारी कौन है, जिसने योगी के आदेश पर जनता को खुश होने और भ्रष्टाचारियों को रुलाने का प्लान बना डाला. ये अधिकारी हैं, राजीव कृष्ण, विजिलेंस डिपार्टमेंट के एडीजी हैं. जो कहते हैं...आप विजिलेंस के हेल्पलाइन नंबर 9454401866 पर हमें शिकायत कीजिए. भ्रष्टाचार सहने की बजाय उसका खुलासा करिए, अगर आपको डर है कि काम रुक जाएगा तो आप गलत हैं. हम न सिर्फ आरोपी को पकड़ेंगे, बल्कि उसे सख्त सजा भी दिलवाएंगे.
एडीजी के दावे में दम दिखता है, क्योंकि पहली बार यूपी में मैन टू मैन मार्किंग हो रही है, जिसका सीधा सा मतलब ये है कि हर अधिकारी, हर कर्मचारी और हर चपरासी पर विजिलेंस की नजर है, एंटी करप्शन टीम को आप एक कॉल करेंगे और किसी भी अधिकारी या कर्मचारी की हवा खराब हो जाएगी. लेकिन योगी का मिशन सिर्फ इतना ही नहीं है, योगी का मिशन है जनता की हर परेशानी को दूर करना, और इसके लिए गोरखपुर में इतना बड़ा फैसला हुआ है कि आप भी सुनकर ताली बजाएंगे.
यानि जिले से लेकर गांव स्तर तक, कर्मचारी से लेकर दूधवाले तक किसी ने भी जनता को ठगने की कोशिश की तो योगी के अधिकारी उसके सामने खड़े नजर आएंगे. ईमानदारी के काम में बेईमानी की मिलावट की बू महसूस होते ही बुलडोजर उसके घर की ओर मुड़ जाएगा, और 16 अगस्त से 1 सितंबर तक कितनों के घर की तरफ एक्शन का बुलडोजर मुड़ा है, आप खुद आंकड़े देख लीजिए.
अगर आपके भी इलाके में कोई रिश्वतखोर है, चाहे वो ग्राम प्रधान हो या ग्राम सचिव, सब पर एक साथ बुलडोजर चलेगा.