Who is Gyanesh Kumar: ज्ञानेश कुमार विपक्ष के निशाने पर कैसे आए? क्यों राहुल गांधी इंडिया गठबंधन के साथ मिलकर महाभियोग लाना चाहते हैं? यहां तीन बात से कहानी शुरू करते है? पहली बात: ज्ञानेश कुमार वोट चोरी करवा रहे हैं, इलसलिए विपक्ष उन्हें हटाना चाहता हैं? दूसरी बात: मोदी-शाह की कुर्सी ठीक बांग्लादेश के अंदाज़ में चाहिए इसलिए विपक्ष का एजेंडा चुनाव में धांधली बन गया? तीसरी बात: क्या बीजेपी का कोई आदमी ही विपक्ष की गोद में जाकर बैठ गया है? सबसे पहले समझिए ज्ञानेश कुमार कौन हैं!
ज्ञानेश कुमार मोदी-शाह के करीबी हैं, आर्टिकल 370 का मसौदा तैयार किया, संसदीय सचिव थे तो अमित शाह के साथ कई बार संसद में देखा गया! इसके पहले राम मंदिर ट्रस्ट में जिम्मेदारी मिली, राजनाथ के साथ भी गृह मंत्रालय में काम किया! कांग्रेस की सरकार में साल 2007 से 2012 तक रक्षा मंत्रालय में भी काम किया!
इस लड़ाई की शुरूआत होती है 14 मार्च साल 2024 से...ज्ञानेश कुमार को PM मोदी, राहुल गांधी और शाह की कमेटी ने देश का मुख्य चुनाव आयुक्त घोषित किया! ठीक एक दिन बाद 15 मार्च को लोकसभा चुनाव का ऐलान हो जाता है! राहुल गांधी उसी वक्त इसका विरोध करते रहे, कांग्रेस ने इसे कानून के दायरे में नहीं बताया! लोकसभा चुनाव में फिर मोदी की सरकार बनी, राहुल गांधी को नंबर ज्यादा मिले तो वो EVM पर ठीकरा नहीं फोड़ पाए! कुछ महीने बाद महाराष्ट्र, हरियाणा, दिल्ली और झारखण्ड में चुनाव हुए, बीजेपी की सरकार झारखण्ड में नहीं बनी, राहुल गांधी महाराष्ट्र-हरियाणा के चुनाव में धांधली का आरोप लगाते हैं लेकिन दिल्ली-झारखण्ड में कोई धांधली नहीं हुई? ऐसा कैसे हो सकता है? केजरीवाल ने खुद आरोप लगाए कि राहुल गांधी मोदी के साथ मिलकर उन्हें हराया ताकि कांग्रेस का वजूद ख़तरें में ना आए, इसलिए राहुल गांधी दिल्ली चुनाव में धांधली का आरोप नहीं लगाते हैं, जबकि ज्ञानेश कुमार ने ही चुनाव करवाया था! राहुल गांधी बिहार की SIR की बात करते हैं, वहां धांधली के आरोप लगाते हैं, असल में चुनाव आयोग बांग्लादेशियों और रोहिंग्याओं की सफाई चाहता है! विपक्ष अचानक राहुल के साथ क्यों खड़ा है इस बात को समझिए!
SIR यानि स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन करना एक चुनौतीपूर्ण काम है, ये जो भी चुनाव आयुक्त करवाएगा, विपक्ष के निशाने पर आ जाएगा! बिहार के बाद SIR बंगाल होते हुए UP तक आएगा, सभी राज्य की क्षेत्रिय पार्टियां परेशान हैं, अखिलेश-तेजस्वी का सपना हैं अपने-अपने राज्यों का CM बनना, इसलिए वो राहुल गांधी के साथ खुलकर हैं...नरेंद्र मोदी सरकार को गिराने की कोशिश की जा रही है, इसके तीन सबूत मिल चुके है!
जिस दिन दिल्ली में चुनाव आयोग के ख़िलाफ प्रदर्शन हो रहा था. उस दिन विपक्ष का दावा था. 300 सांसदों के साथ चुनाव आयोग से मिलने का? 300 सांसद तो मोदी के पास है तो फिर विपक्ष 300 की रट लगा क्या ब्यूरोक्रेसी को ये इशारा दे रहा था हमारे पास बहुमत है! ये पहला सबूत था. दूसरी तरफ विपक्ष महाभियोग की बात कर रहा हैं, मतलब संसद में ज्ञानेश कुमार को हटाया जाए, ऐसा होता है तो ये मोदी के कार्यकाल की सबसे बड़ी हार होती है? जबकि तीसरा दावा बेहद हैरान करने वाला है. कुछ लोग मानते हैं कि दरअसल लड़ाई गुजरात VS दिल्ली लॉबी की हो गई है! मोदी-शाह 11 साल से सत्ता में है तो कुछ अपने भी बागी होने को तैयार है? तो क्या कोई ऐसा है जो विपक्ष के साथ मिलकर किसी तैयारी में है? धनखड़ का इस्तीफा होना, उसके बाद उनका गायब होना! SIR पर बवाल मचना, विपक्ष का ज़रूरत से ज्यादा एक्टिव होना...महाभियोग की बातें करना साफ इशारा करता हैं कि देश में कुछ बड़ा होने वाला है. UP के आगरा में पैदा हुए ज्ञानेश कुमार का परिवार की कहानी भी देख लीजिए!
उनके भाई मनीष कुमार IRS अधिकारी हैं.बहन रोली के पति उपेंद्र कुमार जैन मध्य प्रदेश में ADG स्तर के IPS अधिकारी हैं. उनकी पत्नी अनुराधा आगरा के प्रसिद्ध डॉक्टर ओपी आर्य की बेटी हैं. बड़ी बेटी मेधा रूपम 2014 बैच की IAS और वर्तमान में नोएडा की DM हैं.उनके पति मनीष बंसल भी आईएएस अधिकारी हैं. दूसरी बेटी अभिश्री IRS अधिकारी हैं और उनके पति अक्षय लाबरू 2018 बैच के त्रिपुरा कैडर के IAS अधिकारी हैं. कुल मिलाकर उनके परिवार में IAS, IPS, IRS और करीब 28 डॉक्टर शामिल हैं.
मुख्य चुनाव आयुक्त ने जब आंखों में आंख डालकर कहा कि माफी मांगनी होगी तो इतना हल्के में नहीं लेना चाहिए? कोई अधिकारी जब किसी ताकतवर पद पर होता हैं तो वो अकेला नहीं होता है. राहुल गांधी की ये लड़ाई शुरू हुई थी मोदी-शाह की कुर्सी के लिए लेकिन फिलहाल उन्होंने ज्ञानेश कुमार से पंगा ले लिया है? नतीजा थोड़ा हैरान करने वाला भी हो सकता है!