नई दिल्ली: जंतर-मंतर पर शनिवार को एक चौंकाने वाली घटना ने सबका ध्यान खींच लिया. सोनम वांगचुक को अनशन स्थल से हटाए जाने के बाद खुद अनशन पर बैठे अभिजीत दीपके पर एक महिला ने स्याही फेंक दी. यह महिला कोई और नहीं, बल्कि विवादास्पद पुरुष अधिकार कार्यकर्ता बरखा त्रेहन हैं, जो पहले रेप के दोषी कुलदीप सिंह सेंगर की खुलेआम समर्थक रह चुकी हैं.
सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस द्वारा सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराए जाने के कुछ घंटों बाद अभिजीत दीपके अनशन पर बैठे. इसी दौरान बरखा त्रेहन अचानक मंच पर पहुंचीं और दीपके पर स्याही फेंक दी. घटना के बाद त्रेहन ने खुद पर मारपीट का आरोप लगाते हुए 'जय श्री राम' के नारे लगाए और हाथ जोड़कर अपील की. पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया. अभिजीत दीपके ने स्याही के नीले रंग को पसंद करते हुए 'जय भीम' का नारा भी लगाया.
बरखा त्रेहन कौन हैं?
पिछले साल उन्होंने उन्नाव रेप केस के दोषी पूर्व भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर का खुलकर समर्थन किया था. सेंगर की सजा सस्पेंड करने और बेल अधिकारों का बचाव करते हुए उन्होंने कहा था कि "कोर्ट के आदेश का सम्मान करना चाहिए, रेप पर राजनीति बंद होनी चाहिए."
मोहम्मद जुबैर (ऑल्ट न्यूज) ने भी सोशल मीडिया पर बरखा त्रेहन की पहचान की पुष्टि की. यह घटना सोनम वांगचुक के समर्थन में चल रहे प्रदर्शन के बीच हुई है, जिसमें परीक्षा अनियमितताओं के मुद्दे को उठाया जा रहा है. बरखा त्रेहन की इस हरकत ने सोशल मीडिया पर तीखी बहस छेड़ दी है.