पटना: बिहार के औरंगाबाद जिले के बंदेया थाना क्षेत्र के झिकटिया गांव में एक दिल दहलाने वाला हत्याकांड सामने आया है, जहां एक पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर अपने पति की हत्या कर दी. मृतक की पहचान 41 वर्षीय विक्कू के रूप में हुई है. इस हत्याकांड को सड़क दुर्घटना का रूप देने की कोशिश की गई, लेकिन पुलिस की सतर्क जांच ने इस साजिश का पर्दाफाश कर दिया. आरोपी पत्नी पूजा को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि उसका प्रेमी कमलेश यादव अभी फरार है.
घटना 21 जून 2025 को हुई, जब विक्कू का शव झिकटिया गांव के पास एक खेत में मिला. शव पर चोटों के निशान देखकर पुलिस को शक हुआ. शुरुआत में पूजा ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की और दावा किया कि विक्कू की मौत गयाजी में इलाज के लिए जाते समय सड़क हादसे में हुई. लेकिन उसके बयानों में विरोधाभास पाए जाने पर पुलिस ने गहन जांच शुरू की. दाउदनगर के सब-डिवीजनल पुलिस अधिकारी (एसडीपीओ) कुमार ऋषिराज ने बताया कि पूजा ने अंततः अपना अपराध कबूल कर लिया और स्वीकार किया कि उसने कमलेश यादव के साथ मिलकर विक्कू की हत्या की साजिश रची थी.
जांच में खुलासा हुआ कि पूजा का रफीगंज पुलिस स्टेशन क्षेत्र के कर्मा मसूद गांव के रहने वाले कमलेश यादव के साथ अवैध संबंध था. इस रिश्ते को लेकर विक्कू और पूजा के बीच अक्सर झगड़े होते थे. विक्कू के बेटे, मां और चाचा ने पुलिस को बताया कि कमलेश कई बार उनके घर में जबरन घुसकर पूजा के साथ शारीरिक संबंध बनाता था. जब परिवार वाले इसका विरोध करते, तो कमलेश उन्हें जान से मारने की धमकी देता था. डर के मारे परिवार के लोग चुप रहते थे.
पुलिस के अनुसार, पूजा और कमलेश ने मिलकर विक्कू को गयाजी ले जाने के बहाने घर से निकाला. वापसी के दौरान एक सुनसान सड़क पर उन्होंने स्कॉर्पियो एसयूवी से विक्कू को कुचल दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई. इस हत्या को सड़क हादसे का रूप देने की कोशिश की गई, लेकिन पुलिस की जांच ने सच्चाई सामने ला दी. पूजा को 25 जून को गिरफ्तार कर लिया गया, और उसके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है.
विक्कू की मां ने गहरा दुख जताते हुए कहा, “मेरे बेटे को बेरहमी से मार दिया गया. दोषियों को फांसी की सजा मिलनी चाहिए, ताकि यह दूसरों के लिए सबक बने.” उन्होंने मांग की कि इस तरह के अपराधों के लिए कठोर सजा दी जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों.
एसडीपीओ कुमार ऋषिराज ने बताया कि कमलेश यादव की तलाश में छापेमारी जारी है. पुलिस इस मामले की हर कोण से जांच कर रही है और जल्द ही इसे अंतिम निष्कर्ष तक पहुंचाने का दावा कर रही है. पुलिस ने कमलेश के डिजिटल उपकरणों और अन्य सामग्रियों की भी जांच शुरू की है ताकि और सबूत जुटाए जा सकें.
यह घटना बिहार में अवैध संबंधों से जुड़ी हिंसक वारदातों की एक और कड़ी है. इसने स्थानीय लोगों में आक्रोश पैदा कर दिया है और सामाजिक रिश्तों में विश्वासघात के मुद्दे को उजागर किया है. सोशल मीडिया पर भी लोग इस घटना की निंदा कर रहे हैं और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं. कुछ लोगों ने इसे बिहार में कानून-व्यवस्था और सामाजिक मूल्यों की स्थिति पर सवाल उठाने वाला बताया है.
यह मामला समाज के लिए एक चेतावनी है कि अवैध संबंधों और विश्वासघात से उत्पन्न होने वाली हिंसा को रोकने के लिए न केवल कठोर कानूनी कार्रवाई, बल्कि सामाजिक जागरूकता और पारिवारिक रिश्तों में विश्वास को मजबूत करने की भी जरूरत है. पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और जांच पूरी होने तक धैर्य रखें.
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