अयोध्या: राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी के विवाद के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को अयोध्या पहुंचे और रामलला के दर्शन-पूजन किए. लेकिन इस बार मंदिर के महासचिव चंपत राय उनके साथ नहीं दिखे. दर्शन-पूजन के दौरान श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के दूसरे ट्रस्टी निर्मोही अखाड़ा के महंत दिनेंद्रानंद मौजूद रहे और उन्होंने ही सीएम योगी को रामलला के दर्शन कराए.
क्या है पूरा मामला?
राम मंदिर में चढ़ावे की राशि चोरी के आरोपों और CCTV फुटेज डिलीट होने जैसे विवादों के बीच योगी का यह दौरा काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. चंपत राय, जो लंबे समय से ट्रस्ट के महासचिव हैं और राम मंदिर निर्माण से जुड़े प्रमुख चेहरे रहे हैं, इस बार दर्शन कार्यक्रम में गायब रहे.
सीएम योगी ने राम मंदिर में पूजन के बाद विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को सम्मानित भी किया. इससे पहले उन्होंने कामाख्या धाम में वीरांगना झलकारी बाई की प्रतिमा का अनावरण किया और मां कामाख्या का भी दर्शन किया.
CM योगी का बयान
मणिराम छावनी पीठाधीश्वर महंत नृत्यगोपाल दास के जन्मोत्सव पर रामकथा के उद्घाटन समारोह में शामिल होते हुए योगी ने कहा कि अयोध्या बार-बार आना संतों की साधना और तपस्या का सम्मान है. चढ़ावा विवाद पर उन्होंने SIT जांच का जिक्र करते हुए कहा कि SIT दूध का दूध और पानी का पानी कर देगी. यह दौरा राम मंदिर ट्रस्ट के अंदरूनी हालात और चंपत राय की भूमिका को लेकर उठ रहे सवालों के बीच आया है, जिससे अयोध्या की सियासी और धार्मिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है.