नई दिल्ली: बॉलीवुड सुपरस्टार्स अमिताभ बच्चन और आमिर खान की पुरानी रोल्स-रॉयस कारों को कर्नाटक के क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) ने 38.26 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है. यह जुर्माना तेज गति से गाड़ी चलाने के लिए नहीं, बल्कि कर्नाटक में सड़क कर (रोड टैक्स) न चुकाने के कारण लगा है. इन लग्जरी कारों को अब बेंगलुरु के व्यवसायी और राजनेता यूसुफ शरीफ जिन्हें 'केजीएफ बाबू' के नाम से जाना जाता है, चला रहे हैं. यह उपनाम उन्हें कोलार गोल्ड फील्ड्स (केजीएफ) से मिला, जो कन्नड़ फिल्म "केजीएफ" से मशहूर हुआ.
शरीफ की दो रोल्स-रॉयस कारें एक फैंटम, जो पहले अमिताभ बच्चन की थी, और एक घोस्ट, जो आमिर खान की थी, कर्नाटक में बिना स्थानीय रोड टैक्स चुकाए चल रही थीं. ये कारें अभी भी महाराष्ट्र में अभिनेताओं के नाम पर रजिस्टर्ड हैं, हालांकि अब इनका मालिकाना हक उनके पास नहीं है. परिवहन अधिकारियों के अनुसार, फैंटम 2021 से और घोस्ट 2023 से बेंगलुरु की सड़कों पर दिख रही हैं.
कर्नाटक के कानून के तहत, अगर कोई गाड़ी एक साल से ज्यादा समय तक राज्य में इस्तेमाल होती है, तो उसे स्थानीय स्तर पर रजिस्टर करवाना और टैक्स चुकाना जरूरी है. चूंकि इन कारों ने यह समयसीमा पार कर ली और नियमों का पालन नहीं किया गया, इसलिए आरटीओ ने फैंटम पर 18.53 लाख रुपए और घोस्ट पर 19.73 लाख रुपए का जुर्माना लगाया.
दिलचस्प बात यह है कि कारों का मालिकाना बदल गया, लेकिन कागजी कार्रवाई नहीं हुई. ये गाड़ियां अभी भी कागजों पर अभिनेताओं के नाम पर हैं, क्योंकि शरीफ ने इन्हें अपने नाम पर औपचारिक रूप से ट्रांसफर नहीं किया. अधिकारी कहते हैं कि दोनों गाड़ियां नियमित रूप से इस्तेमाल हो रही हैं, लेकिन कागजों में ये अभी भी बॉलीवुड की संपत्ति हैं.
शरीफ पहले स्क्रैप बेचने का काम करते थे, बाद में रियल एस्टेट और राजनीति में आए. 2021 में उन्होंने बेंगलुरु अर्बन लोकल अथॉरिटीज निर्वाचन क्षेत्र से कर्नाटक विधान परिषद चुनाव लड़ा और 1,744 करोड़ रुपए से अधिक की पारिवारिक संपत्ति घोषित की थी. आरटीओ ने 2021 में फैंटम को टैक्स के मुद्दे पर चिह्नित किया था, लेकिन तब कार एक साल से कम समय तक राज्य में थी, इसलिए कोई कार्रवाई नहीं हुई थी.