सोनभद्र : जल जीवन मिशन के तहत देश की पहली बड़ी परियोजनाओं में गिनी जाने वाली पटवध पेयजल समूह योजना एक बार फिर सुर्खियों में है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वर्चुअल शिलान्यास और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में लॉन्च हुई इस महत्वाकांक्षी योजना की रफ्तार अब सवालों के घेरे में आ गई है. रॉबर्ट्सगंज से बीजेपी विधायक भूपेश चौबे ने योजना का औचक निरीक्षण किया, जहां काम की धीमी गति देखकर उनका गुस्सा फूट पड़ा. निरीक्षण के दौरान विधायक ने अधिकारियों और ठेकेदारों को मौके पर ही फटकार लगाई. उन्होंने कहा कि योजना में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
पटवध पेयजल समूह योजना का लक्ष्य 650 गांवों तक हर घर नल से जल पहुंचाना है, लेकिन मौजूदा स्थिति चौंकाने वाली है. अब तक केवल 29 गांवों में ही पानी की आपूर्ति शुरू हो सकी है. इतनी धीमी प्रगति को लेकर विधायक ने अधिकारियों से जवाब-तलब किया और उन्हें कड़ी धूप में अपने साथ खड़ा रखा.
विधायक भूपेश चौबे ने दो टूक अंदाज में कहा कि दिसंबर 2026 तक 650 गांवों में पानी नहीं पहुंचा, तो जिम्मेदार कार्यदाई कंपनी और लापरवाह अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई होगी. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, “जो अधिकारी लापरवाही करेंगे, उनका बोकला छोड़ दिया जाएगा और कंपनी को कंपना बना देंगे.
बताया जा रहा है कि सेंचुरी एरिया से एनओसी मिलने में देरी और तकनीकी अड़चनों के चलते परियोजना की रफ्तार प्रभावित हुई है. हालांकि, अधिकारियों का दावा है कि दिसंबर 2026 तक सभी गांवों में पानी पहुंचाने का लक्ष्य हर हाल में पूरा कर लिया जाएगा.फिलहाल विधायक की सख्त चेतावनी के बाद अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या जल जीवन मिशन की यह महत्वाकांक्षी योजना समय पर पूरी हो पाएगी या फिर लापरवाही पर कार्रवाई का डंडा चलेगा.