नई दिल्ली: गाजीपुर के सैदपुर महिला अस्पताल में उस समय तनाव बढ़ गया, जब एक महिला ने मृत बेटी को जन्म दिया और उसके पति ने बच्ची को अपना मानने से इनकार कर डीएनए टेस्ट की मांग की. इस विवाद के बाद पुलिस ने देर रात नवजात के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा.
सैदपुर तहसील के बड़िहारी गांव की आरती देवी की शादी दो साल पहले वाराणसी के धौरहरा निवासी धनंजय से हुई थी. शादी के कुछ समय बाद ही दोनों के बीच अनबन शुरू हो गई. रिश्ते इतने खराब हो गए कि धनंजय ने तलाक के लिए कोर्ट में अर्जी दाखिल कर दी. इस बीच, आरती गर्भवती हो गईं और ससुराल वालों ने उन्हें मायके भेज दिया.
गुरुवार को आरती को प्रसव पीड़ा हुई और उनके परिजन उन्हें सैदपुर के महिला अस्पताल ले गए. वहां दोपहर में उन्होंने एक मृत बेटी को जन्म दिया. रात में धनंजय अस्पताल पहुंचा और उसने बच्ची का अंतिम संस्कार करने से मायके वालों को रोक दिया. उसका कहना था कि बच्ची उसकी नहीं है, क्योंकि उसका अपनी पत्नी से कभी अच्छा रिश्ता नहीं रहा और वह लंबे समय से संपर्क में भी नहीं था.
धनंजय ने बच्ची की पहचान के लिए डीएनए टेस्ट की मांग की और कोतवाली में हंगामा किया. मौके पर मौजूद लोगों ने उसे समझाने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं माना. आखिरकार, पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए मर्चुरी भेजा. इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी और लोग इस पर चर्चा कर रहे हैं.