अहमदाबाद: अमेरिका में चोरी से जाकर बस जाने का जुनून गुजरात के एसी पटेल में इस कदर छाया कि वह एक पल के लिए पाकिस्तान के मोहम्मद नजीर हुसैन बन गए थे, लेकिन दूसरे ही पल में कहीं के नहीं रहे. एसी पटेल पाकिस्तानी नागरिक के नाम से नकली पासपोर्ट बनवा लिया था, जिसपर उसका नाम मोहम्मद नजीर हुसैन लिखा हुआ थी और नागरिकता पाकिस्तान की लिखी हुई थी, लेकिन अमेरिकी अधिकारियों ने इस धोखे को भांप लिया.
अमेरिकी अधिकारियों के सामने थोड़ी ही देर में पाकिस्तान के हुसैन होने का दावा करने वाले व्यक्ति का पर्दाफाश हो गया और उसे भारत डिपोर्ट कर दिया गया. पटेल 12 फरवरी को फ्लाइट AA-292 से दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचे थे. जब अमेरिकी अधिकारियों ने उन्हें वापस भारत भेज दिया तो एयरपोर्ट पर भारतीय अधिकारी भी हैरान रह गए, जिसके बाद उसे गिरफ्तार किया गया और उसके किलाफ एफआईआर दर्ज की गई.
बता दें कि जनवरी से डोनाल्ड ट्रंप के नए कार्यकाल के बाद अमेरिकी एजेंसियों ने अवैध रूप से अमेरिका में रह रहे अवैध अप्रवासियों को वापस उनके देश भेजा जा रहा है. पिछले महीने ही, अमेरिकी अधिकारियों द्वारा निष्कासित किए जाने के बाद 74 गुजरातियों सहित तीन फ्लाइट्स से निर्वासित लोग भारत पहुंचे हैं. वहीं पटेल की असली मुसीबतें तब शुरू हुई जब दिल्ली पुलिस ने उन्हें आते ही गिरफ्तार कर लिया.
उन पर कई गंभीर आरोप हैं, जिनमें नकली पहचान बताकर धोखाधड़ी करना और पासपोर्ट का दुरुपयोग करना शामिल है. भारतीय इमिग्रेशन अधिकारियों को पाकिस्तानी पासपोर्ट देखकर हैरानी हुई. यह कोई कोई जाली दस्तावेज नहीं लग रहा था, बल्कि हुसैन का असली खोया हुआ पासपोर्ट था. पटेल ने कबूल किया कि उसने दुबई में एक एजेंट को पैसे देकर अपनी पहचान बदली थी, गुजरात में रहने वाले अपने मूल को पाकिस्तानी पहचान में बदल दिया था, ताकि अमेरिका जाने वाली फ्लाइट में जगह मिल सके और उसे वहां कोई दिक्कत न हो.
पटेल का असली पासपोर्ट 2016 में एक्सपायर हो गया था और इसे रिन्यू करवाने के बजाय उसने मानव तस्करों पर भरोसा किया. मानव तस्करों ने उसे फर्जी दस्तावेज मुहैया कराए और दुबई के रास्ते उसकी अवैध यात्रा में मदद की. एक सूत्र ने बताया कि मानव तस्कर ऐसे पासपोर्ट चुनते हैं जो अमेरिकी वीजा पाने के लिए मजबूत होते हैं या फिर वे किसी यूएई नागरिक का पासपोर्ट यूएस में घुसने के लिए बेतरतीब ढंग से इस्तेमाल कर लेते हैं.