नई दिल्ली: क्या उत्तर प्रदेश के सहारे हिन्दुस्तान को दहलाने की कोई बड़ी साजिश रची जा रही है? क्या खालिस्तानी आंतकी यूपी को नए ठिकाने के तौर पर इस्तेमाल कर रहे हैं? क्या सीएम योगी आदित्यनाथ की नाम के नीचे कोई खतरनाक गेम प्लान किया जा रहा है? ये सवाल अचानक क्यों खड़े होने लगे हैं? क्या है इनके पीछे की कहानी हम आपको बताते हैं. उससे पहले आपको एक खबर बताते हैं. खबर ये है कि कौशांबी में बब्बर खालसा इंटरनेशनल का एक आतंकी गिरफ्तार हुआ है. इस आंतकी की पहचान 'लाजर मसीह' के तौर पर हुई है.
जानकारी के मुताबिक, UP STF और पंजाब पुलिस ने गुरुवार सुबह साढ़े 3 बजे छापेमारी कर लाजर मसीह को गिरफ्तार किया. वो पंजाब के अमृतसर जिले के कुर्लीयाना गांव का रहने वाला बताया जा रहा है. लाजर मसीह BKI के जर्मनी-बेस्ड मॉड्यूल के प्रमुख स्वर्ण सिंह उर्फ जीवन फौजी के लिए काम करता था और पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के सीधे संपर्क में भी था. पिछले साल 24 सितंबर को लाजर मसीह पंजाब पुलिस की कस्टडी से फरार हो गया था.
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STF को उसके पास से 3 हैंड ग्रेनेड, 2 डेटोनेटर, 1 विदेशी पिस्तौल और 13 कारतूस मिले हैं. इसके अलावा, गाजियाबाद के पते वाला आधार कार्ड और बिना सिम कार्ड का एक मोबाइल फोन भी बरामद हुआ है. STF के सीनियर अफसर कोखराज थाने में आतंकी से पूछताछ कर रहे हैं. पंजाब पुलिस के अधिकारी और जवान थाने में मौजूद हैं. थाने से 100 मीटर दूर का एरिया सील कर दिया गया है.
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इससे पहले, पीलीभीत और पंजाब पुलिस ने पिछले साल 23 दिसंबर को खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स के तीन आतंकियों का एनकाउंटर किया था. इन आतंकियों ने 19 दिसंबर को पंजाब के गुरदासपुर जिले में पुलिस चौकी पर ग्रेनेड से हमला किया था. एनकाउंटर के बाद आतंकियों के पास से 2 एके-47 राइफल, 2 ग्लॉक पिस्टल और भारी मात्रा में कारतूस बरामद हुए थे.
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मारे गए आतंकियों की शिनाख्त गुरदासपुर निवासी गुरविंदर सिंह, वीरेंद्र सिंह उर्फ रवि और जसप्रीत सिंह उर्फ प्रताप सिंह के रूप में हुई थी. 2 दिन पहले भी गुजरात ATS ने अब्दुल रहमान नाम के संदिग्ध आतंकी को हरियाणा के फरीदाबाद से पकड़ा था. उसके पास से भी 2 हैंड ग्रेनेड बरामद हुए थे. खास बात ये है कि अब्दुल का घर अयोध्या के राम मंदिर से 36Km दूर मिल्कीपुर में है. बताया गया है कि वो राम मंदिर की रेकी भी कर चुका था. ATS को शक है कि वो राम मंदिर को हैंड ग्रेनेड से उड़ाने की साजिश रच रहा था. STF की पूछताछ में पता चला था कि आतंकी फरीदाबाद से हैंड ग्रेनेड लेने आया था.
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इन तीन घटनाओं को जोड़कर देखें तो लगता है कि इस वक्त यूपी के अंदर कुछ न कुछ खिचड़ी तो जरूर पकाई जा रही है. कुछ ऐसे लोग एक्टिव दिख रहे हैं, जो अपने नापाक मंसूबे कामयाब करने की फिराक में हैं. ये कौन लोग हैं, इनका क्या मकसद है. क्या यूपी खालिस्तानी के निशाने पर है. क्योंकि लाजर मसीह, जिसे UP STF ने गिरफ्तार किया है, वो बब्बर खालसा इंटरनेशनल से जुड़ा बताया जा रहा है.
BKI को भारत, कनाडा, जर्मनी और ब्रिटेन समेत कई देशों ने आतंकी संगठन की लिस्ट में शामिल कर रखा है. इसकी स्थापना 1978 में हुई थी. ये पंजाब और पड़ोसी राज्यों के कुछ जिलों को मिलाकर खालिस्तान नाम से एक अलग सिख देश बनाने की मांग करता रहा है. ये संगठन 80 के दशक के आखिर और 90 के दशक की शुरुआत में पंजाब में बहुत ज्यादा एक्टिव था. इसने कई आतंकी घटनाओं को अंजाम भी दिया. 1990 के दशक में इस संगठन के कई आतंकियों को पंजाब पुलिस ने मार गिराया था. इसके बाद कई आतंकी विदेश भाग गए, लेकिन पाकिस्तान, कनाडा और ब्रिटेन में अभी भी इसके समर्थक मौजूद हैं. पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या में भी बब्बर खालसा इंटरनेशनल की भूमिका सामने आई थी.
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अब इसी बब्बर खालसा इंटरनेशनल से जुड़ा आतंकी पकड़ा गया है, तो शक होना लाजमी है. दूसरी तरफ खबर ये भी सामने आई है कि भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर पर भी हमला हुआ है और हमला करने वाले खालिस्तानी समर्थक हैं. जानकारी के मुताबिक, जयशंकर की गाड़ी को लंदन में खालिस्तानी समर्थकों ने घेर लिया. विदेश मंत्री चैथम हाउस थिंक टैंक के एक खास कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए लंदन पहुंचे हुए हैं.
इस कार्यक्रम के खत्म होने के बाद जैसे ही वो अपनी कार की तरफ बढ़े, तो वहां पहले से विरोध कर रहे खालिस्तान समर्थकों ने उन्हें देखकर नारेबाजी शुरू कर दी. इसके बाद एक शख्स तिरंगा लेकर उनकी कार के आगे खड़ा हो गया और रास्ता रोक लिया. इस दौरान उसने भारत के राष्ट्रीय ध्वज को फाड़ने जैसी शर्मनाक हरकत भी की. ये पूरी घटना विदेश मंत्री की सुरक्षा में चूक के तौर पर देखी जा रही है. लेकिन क्या इस घटना का यूपी में पकड़े गए आतंकी से भी कोई कनेक्शन है, इसकी जांच की जाने की भी जरूरत है.
ट्रंप के आने के बाद दुनिया भर में जिस तरह की भगदड़ मची है और जिस तरह यूपी में पिछले कुछ वक्त से आतंकी पकड़े जा रहे हैं. ये अच्छा संकेत नहीं दे रहे हैं. हालांकि योगी राज में एक अच्छी बात ये है कि कोई भी घटना होने से पहले ही आतंकियो को पकड़ा जा रहा है. ये दिखाता है कि यूपी में इस वक्त लॉ एंड ऑर्डर को लेकर किस तरह की सख्ती बरती जा रही है.
बावजूद इसके हर नागरिक को सावधान रहने की जरूरत है. अगर आपको भी कोई व्यक्ति या वस्तु संदिग्ध लगती है, तो जल्द से जल्द उसकी रिपोर्ट करें. जानकारी दें, ताकि किसी अनहोनी से बचा जा सके. एक सुरक्षित प्रदेश या देश बनाने में वहां के नागरिकों की सबसे बड़ी भूमिका रहती है, ऐसे में आप अपना ख्याल रखते हुए, अपनी जिम्मेदारी को भी निभाएं, हमारी आपसे ये अपेक्षा है... धन्यवाद!